अमेरिका के सैन डिएगो शहर में सोमवार को एक मस्जिद में गोलीबारी की घटना हुई। जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। पुलिस के अनुसार, दो किशोर हमलावरों ने सैन डिएगो की सबसे बड़ी मस्जिद इस्लामिक सेंटर ऑफ सैन डिएगो में फायरिंग की, जिसमें तीन लोगों की गोली लगने से मौत हो गई। जिसके बाद दोनों संदिग्धों ने भी कुछ ही दूरी पर जाकर खुद को गोली मार ली।
सैन डिएगो की मस्जिद में फायरिंग
हमले में मस्जिद के सुरक्षा गार्ड की मौत
सैन डिएगो के पुलिस प्रमुख स्कॉट वाहल ने बताया कि हमलावर की पहली सूचना सुबह 11:43 बजे मिली। जिसके बाद चार मिनट के अंदर ही पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए। जहां इस्लामिक सेंटर के बाहर तीन लोग मृत पाए गए। जिनमें से एक व्यक्ति मस्जिद का सुरक्षा गार्ड भी था। शुरुआती जांच में इस घटना को 'हेट क्राइम' यानी नफरत से जुड़ा अपराध माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा गार्ड ने बहादुरी दिखाते हुए हमले को और ज्यादा खतरनाक होने से रोकने में अहम भूमिका निभाई।
मस्जिद परिसर में चली कई गोलियां
घटना के दौरान मस्जिद परिसर में कई गोलियां चलने की सूचना मिली, जिससे वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस अधिकारी एंथनी कैरास्को ने बताया कि लोगों ने लगातार गोली की आवाजें सुनीं और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस के मुताबिक, दोनों हमलावर बाद में एक वाहन में मृत पाए गए, जो पास की सड़क पर खड़ा था। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि हमलावर फायरिंग के समय मस्जिद के अंदर थे या बाहर से हमला कर रहे थे।
मस्जिद परिसर में एक स्कूल भी मौजूद
इस्लामिक सेंटर ऑफ सैन डिएगो काउंटी की सबसे बड़ी मस्जिद मानी जाती है। इसके परिसर में अल रशीद स्कूल भी स्थित है, जहां अरबी भाषा, इस्लामिक स्टडीज और कुरान की शिक्षा दी जाती है। जानकारी के अनुसार, स्कूल के सभी शिक्षक और छात्र सुरक्षित हैं। घटना के बाद एक दर्जन से अधिक बच्चों को हाथ पकड़कर मस्जिद परिसर से बाहर सुरक्षित निकाला गया। फिलहाल कोई खतरा नहीं है। लेकिन घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एहतियात के दौर पर पूरे दिन के लिए सेंटर को बंद भी किया गया। पुलिस इस मामले की गहन जांच में जुटी है।
