US-Iran War: ईरान और इजरायल- अमेरिका युद्ध जारी है। दोनों पक्ष एक दूसरे के ठीकानों पर हमले करना जारी रखे हुए हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार कहा कि ईरान की नौसेना खत्म हो गई है। लीडरशिप खत्म हो गई है। इस बीच एक नई रिपोर्ट आई है, जिसमें अमेरिकी सेना को हुए नुकसान पर प्रकाश डाला गया है। ब्लूमबर्ग के अनुसार, ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका ने अब तक कम से कम 16 सैन्य विमान 12 ड्रोन और चार हवाई जहाज खो दिए हैं।
ट्रंप की मिलिट्री को पहुंची असली चोट! ईरान से युद्ध में खोए इतने एयरक्राफ्ट
जो ड्रोन खोए हैं, वे सभी हथियारबंद 'रीपर' ड्रोन थे, जिनका इस्तेमाल अमेरिकी सेना ने पश्चिम एशिया और अन्य जगहों पर ईरान तथा दूसरे दुश्मनों के खिलाफ अक्सर किया है।
जो चार हवाई जहाज खोए हैं, उनमें तीन F-15 लड़ाकू विमान शामिल हैं, जिन्हें कुवैत ने 'फ्रेंडली फायर' (गलती से हुई गोलीबारी) में मार गिराया था और एक K-135 टैंकर शामिल है, जो इराक के ऊपर ईंधन भरने के अभियान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। टैंकर से जुड़ी इस दुर्घटना में चालक दल के सभी छह सदस्यों की मौत हो गई थी।
F-35 की आपातकालीन लैंडिंग, क्या ईरानी हमला वजह?
यह रिपोर्ट CNN की उस रिपोर्ट के कुछ घंटों बाद आई, जिसमें बताया गया था कि एक अमेरिकी F-35 विमान ने पश्चिम एशिया में एक अमेरिकी एयरबेस पर आपातकालीन लैंडिंग की। माना जा रहा है कि इस विमान पर ईरानी हमले की वजह से चोट लगी थी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस लैंडिंग की पुष्टि तो की, लेकिन यह नहीं बताया कि क्या विमान पर ईरानी हमला हुआ था।
US सेंट्रल कमांड ने CNN को बताया, 'विमान सुरक्षित रूप से उतर गया है, और पायलट की हालत स्थिर है। इस घटना की जांच चल रही है।' इसके अलावा, वॉल स्ट्रीट जर्नल ने पिछले हफ्ते बताया था कि सऊदी अरब में प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर ईरान के हमले में पांच रीफ्यूलिंग विमान क्षतिग्रस्त हो गए थे। कुल मिलाकर, इस युद्ध में कम से कम 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं और 200 घायल हुए हैं।
ईरानी हमले में 10 ड्रोन नष्ट, 2 दुर्घटनाओं में
अब तक, ईरानी हमले में अमेरिका का जो एकमात्र विमान नष्ट हुआ है, वह रीपर ड्रोन है। ब्लूमबर्ग ने सूत्रों के हवाले से बताया कि कम से कम नौ रीपर ड्रोन ईरानी सुरक्षा बलों द्वारा मार गिराए गए हैं। एक अन्य ड्रोन जॉर्डन के एक एयरफील्ड पर मिसाइल हमले की चपेट में आ गया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बाकी दो रीपर ड्रोन दुर्घटनाओं में नष्ट हो गए।
ईरान पर तीन हफ्तों तक जोरदार हमले करने और संघर्ष के पिछले दौरों में उसे लगभग निहत्था कर देने के बाद भी, अमेरिका और इजरायल को ईरान पर पूर्ण हवाई वर्चस्व हासिल नहीं है। जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन, जनरल डैन केन ने पहले कहा था कि अमेरिका के पास केवल सीमित क्षेत्रों में ही हवाई वर्चस्व है। इसका अर्थ यह है कि अमेरिका का नियंत्रण केवल ईरानी हवाई क्षेत्र के कुछ विशिष्ट हिस्सों पर ही है, जबकि बाकी क्षेत्र अभी भी मुश्किल बना हुआ है।
