Pahalgam Attack News: US कांग्रेसमैन ब्रैड शेरमन ने पाकिस्तान से लश्कर-ए-तैयबा (LeT) जैसे आतंकी संगठनों पर नकेल कसने की अपील की है, जिसका नाम 2025 के पहलगाम आतंकी हमले से जुड़ा है। वॉशिंगटन में भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित 'आतंकवाद की मानवीय कीमत' पर एक प्रदर्शनी में बोलते हुए, शेरमन ने पहलगाम हमले की पहली बरसी पर पीड़ितों को याद किया। इस हमले में 26 बेगुनाह लोगों की जान चली गई थी।
अमेरिका में उठी लश्कर जैसे आतंकी गुटों पर नकेल कसने की मांग, पाकिस्तान से कहा- कार्रवाई करो, ये पहलगाम हमले में थे शामिल
बुधवार शाम प्रदर्शनी में शेरमन ने कहा, 'हमलावरों की पहचान 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' के तौर पर हुई है। उन्होंने बेगुनाह लोगों को निशाना बनाया और कथित तौर पर पीड़ितों को उनके धर्म के आधार पर अलग किया। इस संगठन का संबंध बड़े पैमाने पर लश्कर-ए-तैयबा से माना जाता है, जिसे पाकिस्तान में पनाह मिली हुई है।'
पाकिस्तान सरकार से मांग
डेमोक्रेट नेता ने कहा, 'हमें इस मौके का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान सरकार से यह मांग करनी चाहिए कि वह लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और अन्य आतंकी संगठनों पर सख्ती से नकेल कसे।' कैपिटल हिल में आयोजित यह प्रदर्शनी ऐसे समय में हुई है, जब पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे सात हफ्ते के युद्ध को खत्म कराने के लिए मध्यस्थता करके खुद को एक शांतिदूत के तौर पर पेश कर रहा है।
1993 से लेकर 2008 के मुंबई आतंकी हमले तक का जिक्र
इस कार्यक्रम में डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन, दोनों पार्टियों के सांसदों ने हिस्सा लिया। इस डिजिटल प्रदर्शनी में दुनिया भर में हुए बड़े आतंकी हमलों को भी दिखाया गया है, जिनमें 1993 के मुंबई बम धमाके, 2008 के मुंबई आतंकी हमले और पहलगाम हमला शामिल हैं। इसमें इन हमलों के लिए जिम्मेदार आतंकी संगठनों की भी पहचान की गई है, जिनमें पाकिस्तान स्थित कई व्यक्ति और संगठन शामिल हैं, जैसे कि लश्कर-ए-तैयबा आतंकी संगठन।
अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने पत्रकारों से कहा, 'यह विशेष प्रदर्शनी मूल रूप से हमें कुछ बातों की याद दिलाती है। पहली बात यह कि मानवता पर आतंकवाद का कहर हमारे समाजों को तबाह करने पर आमादा है। दुनिया भर के देशों को एकजुट होकर आतंकवाद को हराने के लिए दृढ़ रहना होगा।'
