जब भारत में गर्भवती महिला की मौत से भावुक हो उठे थे Ayatollah Ali Khamenei, तुरंत मदद के लिए लिया था ये फैसला

US Iran War: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई से जुड़ी एक पुरानी मानवीय कहानी सामने आई है। बताया जाता है कि 1980 के दशक में भारत के चिक्कबल्लापुर जिले के एक गांव में एक गर्भवती महिला की अस्पताल न मिलने की वजह से मौत हो गई थी। इस घटना ने खामेनेई को बेहद भावुक कर दिया। इसके बाद उन्होंने उस इलाके में अस्पताल बनवाने के लिए आर्थिक मदद की ताकि ग्रामीणों को इलाज के लिए दूर शहर न जाना पड़े। कर्नाटक के इस क्षेत्र में बना यह अस्पताल आज भी हजारों लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं दे रहा है और उस घटना की याद दिलाता है जिसने पूरे गांव की किस्मत बदल दी।

US Iran War: मशहूर शायर साहिर लुधियानवी का शेर है, "जंग तो खुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी।" अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे भीषण सैन्य संघर्ष ने मिडिल ईस्ट को अशांति और खौफ के अंधकार में ढकेल दिया है। सऊदी अरब से लेकर कुवैत तक और कतर से लेकर यूएई तक, हर तरफ लोग सायरन की आवाज से बेचैन हैं। इस सैन्य संघर्ष ने हजारों लोगों की जान छीन ली है।

जब खामेनेई ने भारत में बनवाया अस्पताल

साल 1980 के भारत के दौरान खामेनेई ने कर्नाटक के एक गांव में अस्पताल बनवाने के लिए आर्थिक मदद दी थी।

अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के जरिए अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) को खत्म कर अपना एक लक्ष्य तो बहुत पहले ही पूरा कर लिया है, लेकिन अमेरिका का उद्देश्य ईरान से खामेनेई शासन को खत्म करना है। हालांकि, अमेरिका को इस उद्देश्य को पूरा करने में नाकों चने चबाना पड़ रहा है।

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