US Iran War: 28 फरवरी... अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नाम दिया गया। ट्रंप प्रशासन का मुख्य उद्देश्य ईरान में खामेनेई शासन को समाप्त करना और उसे परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना था। हालांकि, ईरान ने भी अमेरिकी हमलों का जवाब देने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
पढ़ें युद्ध के बाद तेहरान में लोगों की जिंदगी कैसी है। AI IMAGE
इस युद्ध ने मिडिल ईस्ट में अशांति का माहौल पैदा कर दिया और पूरी दुनिया में कच्चे तेल की आपूर्ति पर गहरा संकट मंडराने लगा। इस युद्ध का सबसे बुरा प्रभाव ईरान की आम जनता पर पड़ा, जो महंगाई और देश की कमजोर होती अर्थव्यवस्था के कारण चौतरफा मुसीबतों से घिरी थी।
ईरान के विधिक चिकित्सा संगठन के प्रमुख अब्बास मस्जेदी के अनुसार, इस संघर्ष में कम से कम 3,300 से 3,500 लोगों की जान गई है, जिनमें 383 बच्चे भी शामिल हैं। युद्ध के दौरान ईरान में 'डिजिटल आपातकाल' लागू था, जिसकी वजह से वहां के हालातों की सटीक जानकारी विदेशी मीडिया तक नहीं पहुंच पा रही थी। हालांकि, संघर्षविराम के बाद राजधानी तेहरान में जनजीवन एक बार फिर पटरी पर लौटता दिखाई दे रहा है।
तेहरान में पटरी पर लौट रही जिंदगी
समाचार चैनल 'फ्रांस 24' द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में देखा जा सकता है कि तेहरान के लोग अब कैफे और लाइब्रेरी में समय बिता रहे हैं। बाजारों में रौनक लौट आई है और लोग बेफिक्र होकर खरीदारी कर रहे हैं। एक कैफे की मैनेजर पावन अफसर ने बताया कि युद्ध के कारण उनके व्यवसाय पर बहुत बुरा असर पड़ा था, लेकिन अब लोग फिर से सार्वजनिक स्थानों पर जमा होकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं।
ईरान में इस्लामिक कानून के तहत हिजाब अभी भी अनिवार्य है, लेकिन इस साल फरवरी से महिलाओं को मोटरसाइकिल चलाने की छूट दी गई है। साथ ही, अब लोग राजनीति पर भी खुलकर अपनी राय रख रहे हैं। इससे पहले तेहरान समेत कई शहरों में बड़ी संख्या में लोग ईरानी शासन के समर्थन में सड़कों पर उतरे थे।
अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत जारी
दूसरी ओर, अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत जारी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची मंगलवार सुबह अपनी रूस यात्रा समाप्त कर इस्लामाबाद पहुंचे; पिछले 48 घंटों में यह उनका तीसरा पाकिस्तान दौरा है।
इसी बीच, ईरान ने अमेरिका के समक्ष होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और जहाजों की आवाजाही शुरू करने का प्रस्ताव रखा था, ताकि इसके बाद परमाणु मुद्दे पर चर्चा की जा सके, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया।
