US Iran Deal: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देश एक ऐसे समझौते के करीब हैं जो युद्ध को स्थायी रूप से खत्म करने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नई शर्तें तय करने का रास्ता खोल सकता है। हालांकि इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान को फिर चेतावनी दी है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो बमबारी पहले से ज्यादा तेज होगी। रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस एक पन्ने के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर काम कर रहा है। इसमें करीब 14 अहम बिंदु शामिल हैं।
US-Iran Deal: शांति वार्ता तेज (Photo: AI Generated)
अमेरिका ईरान पर लगे हटा सकता है कुछ प्रतिबंध
बताया जा रहा है कि अमेरिका को अगले 48 घंटों में तेहरान की प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीद है। द टाइम्स ऑफ इजराइल की खबर के मुताबिक इस समझौते का मसौदा ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने ईरानी अधिकारियों के साथ मिलकर तैयार किया है। इस प्रस्ताव के तहत ईरान को कुछ समय के लिए यूरेनियम संवर्धन यानी परमाणु सामग्री को समृद्ध करने की प्रक्रिया रोकनी होगी। इसके अलावा ईरान के पास मौजूद अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम के भंडार को दूसरे देश या अमेरिका भेजने पर भी चर्चा चल रही है। बदले में अमेरिका ईरान पर लगे कुछ प्रतिबंध हटाने और उसके जमे हुए अरबों डॉलर के फंड जारी करने के लिए तैयार हो सकता है।
ईरान कम से कम 12 वर्षों तक बड़े स्तर पर यूरेनियम संवर्धन न करे-अमेरिका
समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े प्रतिबंधों को आसान बनाने की बात भी कही गई है। इससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और व्यापार को राहत मिल सकती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह समझौता पूरे क्षेत्र, खासकर लेबनान में जारी तनाव को कम करने की दिशा में भी काम करेगा। अमेरिका की मांग है कि ईरान कम से कम 12 वर्षों तक बड़े स्तर पर यूरेनियम संवर्धन न करे। हालांकि बाद में उसे केवल 3.67 प्रतिशत तक नागरिक उपयोग के लिए संवर्धन की अनुमति दी जा सकती है। यह वही सीमा है जो पहले के परमाणु समझौते में तय की गई थी। ईरान को यह भी भरोसा देना होगा कि वह कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और संयुक्त राष्ट्र के निरीक्षण को स्वीकार करेगा।
पहले से कहीं ज्यादा होगी बमबमारी-अमेरिका
यह प्रस्ताव इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि ट्रंप पहले लगातार कहते रहे हैं कि अमेरिका ऐसा कोई समझौता स्वीकार नहीं करेगा जिसमें ईरान को किसी भी स्तर पर यूरेनियम संवर्धन की अनुमति हो। अब नए मसौदे में सीमित संवर्धन की संभावना दिखाई दे रही है। इस बीच ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि अगर ईरान प्रस्ताव मान लेता है तो युद्ध और नाकाबंदी खत्म हो सकती है। लेकिन उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर ईरान पीछे हटता है तो अमेरिका फिर सैन्य कार्रवाई करेगा। ट्रंप ने कहा कि “अगर वे सहमत नहीं होते हैं तो बमबारी पहले से कहीं ज्यादा बड़े स्तर पर होगी।”
इजरायल भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। शुरुआत में कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि इजरायल को इस समझौते की जानकारी नहीं थी, लेकिन बाद में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) के कार्यालय ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के बीच लगातार संपर्क बना हुआ है और दोनों देशों में पूरा समन्वय है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने इजरायल को बताया है कि ईरान अपने यूरेनियम भंडार को किसी तीसरे देश में भेजने को लेकर उम्मीद से ज्यादा सकारात्मक रुख दिखा रहा है। हालांकि अभी भी कई मुद्दों पर अंतिम सहमति बाकी है। फिलहाल दुनिया की नजर इस संभावित समझौते पर टिकी हुई है। अगर यह डील सफल होती है तो मध्य पूर्व में लंबे समय से चल रहे तनाव को कम करने में बड़ी मदद मिल सकती है।
