US Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी से जारी युद्ध अब करीब 40 दिन बाद थम गया। इस युद्ध की लपटों ने मिडिल ईस्ट में मौजूद कई देशों को झुलसा दिया। इतना ही नहीं, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने की वजह से दुनिया में तेल की आपूर्ति पर भी बुरा असर पड़ा।
ईरान युद्ध में अमेरिका को जबदस्त नुकसान हुआ है: अमेरिकी खुफिया विभाग।
हालांकि, इस युद्ध में अमेरिका और ईरान, दोनों तरफ से कई एडवांस हथियारों के इस्तेमाल हुए। इस युद्ध में ईरान ने कई बार ऐसे हथियारों का इस्तेमाल किया है, जिससे अमेरिका तो क्या पूरी दुनिया चौंक उठी। इसी बीच अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में ईरान के पास मौजूद हथियारों के जखीरों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है।
अमेरिका हमले में तेहरान के कई इमारत तबाह।
ईरान के लगभग 50 प्रतिशत मिसाइल सुरक्षित
एक इंटेलिजेंस आकलन में दावा किया गया है कि ईरान के लगभग 50 प्रतिशत मिसाइल लॉन्चर और कामिकाजे ड्रोन अभी भी सुरक्षित हो सकते हैं। सीएनएन ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि ईरान के पास अभी भी मिडिल ईस्ट में भयानक तबाही मचाने के साजो-सामान मौजूद हैं। आकलन में यह भी बताया गया है कि ईरान के कई मिसाइल भंडार तक अभी तक अमेरिकी पहुंचे भी नहीं हैं, जबकि कई ऐसे मिसाइल भंडार ऐसे हैं, जिनपर हमले तो हुए हैं, लेकिन वो मिसाइलें मिट्टी के अंदर दब गए। हालांकि, उनके अभी भी सुरक्षित होने की संभावना है।
इजरायली मिसाइलों की फाइल फोटो।
अमेरिका ने ईरान के 12,300 से ठिकानों को किया तबाह
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, 1 अप्रैल तक अमेरिकी सेना ने ईरान के अंदर 12,300 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए हैं। सूत्रों ने बताया कि इंटेलिजेंस से पता चला है कि US सेना ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर कर दिया है और उसके कई सीनियर अधिकारी मारे गए हैं, जिनमें सुप्रीम लीडर अली खामेनेई और ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख अली लारीजानी शामिल हैं, लेकिन मिसाइल भंडार का बचा होना अमेरिका के लिए बड़ी चिंता की बात है। यानी, अमेरिका के 12,300 से ज्यादा ठिकानों पर हमले के बाद भी ईरान के 50 फीसदी मिसाइल और ड्रोन सुरक्षित हैं।
अमेरिका ने ईरान के हजारों ठिकानों पर दागे मिसाइलें।
वहीं, इस युद्ध ने अमेरिका का कितना नुकसान किया है, इसकी भी जानकारी सामने आई है। ईरान ने दावा किया है कि हालिया संघर्ष में उसने अमेरिका के कई सैन्य विमान और ड्रोन नष्ट कर दिए हैं। ईरान के अनुसार, अब तक कम से कम 17 अमेरिकी एयरक्राफ्ट (मानवयुक्त और ड्रोन) या तो मार गिराए गए हैं या क्रैश हुए हैं।
ईरानी हमले में 12 से अधिक MQ-9 रीपर ड्रोन को निशाना बनाया गया है। इसके अलावा, Hermes-900 UAV, Hermes-450 UAV, और Heron UAV जैसे ड्रोन भी गिराए जाने का दावा किया गया है।
ईरान ने इजरायल के ड्रोन, हर्मीस-900 यूएवी (मानवरहित हवाई वाहन) को पूरी तरह कंट्रोल में लेकर उसे सुरक्षित लैंड कराया, जिसमें उसके हथियार और सेंसर भी सलामत रहे। ईरान पहले भी अमेरिकी ड्रोन को कब्जे में लेने का दावा करता रहा है।
किन-किन विमानों के नुकसान का दावा?
अमेरिकी खुफिया विभाग की रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन अमेरिकी एयरक्राफ्ट के नुकसान की बात कही गई है, उनमें शामिल हैं:
- F-15E Strike Eagle (ईरान में गिरा)
- KC-135 Stratotanker (एक क्रैश, कई क्षतिग्रस्त)
- C-130 Hercules (रेस्क्यू मिशन के दौरान नष्ट)
- UH-60 Black Hawk और MH-6 Little Bird (डैमेज या नष्ट)
अमेरिकी फाइटर जेट एफ-15 की फाइल फोटो।
- इसके अलावा, एक घटना में फ्रेंडली फायर का भी जिक्र किया गया है, जिसमें अमेरिकी एफ-15 फाइटर जेट (F-15 fighter aircraft) को कथित तौर पर कुवैती F/A-18 Hornet द्वारा मार गिराया गया।
बता दें कि फिलहाल अमेरिका और ईरान ने युद्धविराम की घोषणा तो कर दी है, लेकिन इजरायल लगातार लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले को अंजाम दे रहा है। वहीं, दूसरी ओर ईरान की शर्तों को लेकर भी अमेरिका लगातार अपना स्टैंड बदलता जा रहा है। हाल ही में ईरान ने भी धमकी दी है कि अगर उसकी बातों को अमेरिका ने जल्द से जल्द नहीं मानी तो एक बार फिर से हमला की शुरुआत हो सकती है। भले ही मौजूदा समय में युद्ध पर विराम लग चुका है, लेकिन इसे युद्ध का अंत समझना अभी जल्दबाजी ही होगी।
