US Iran Tension: क्या अमेरिका और ईरान के बीच जारी सीजफायर खत्म होने वाला है। दरअसल, ईरान द्वारा अमेरिकी एमक्यू-1 ड्रोन को मार गिराए जाने के जवाब में में ईरानी हवाई रक्षा, जमीनी स्टेशन और ड्रोन ठिकानों पर हमले किए। इस स्ट्राइक में पश्चिम एशिया में माहौल तनावपूर्ण हो चुका है।
US Iran Tension: ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी।
कुवैत की सेना ने सोमवार को मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने का दावा किया। वहीं, इजरायली सेना ने लेबनान के भीतर ऐतिहासिक घुसपैठ शुरू कर दी है। इसी बीच लेबनान में इजरायली कार्रवाई को लेकर चेतावनी जारी किया।
ईरान ने क्या कहा?
ईरान ने अमेरिका और इजरायल को लेकर बड़ा बयान दिया है। ईरानी पक्ष ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच हुआ सीजफायर केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें लेबनान समेत सभी मोर्चे शामिल हैं। ऐसे में किसी एक फ्रंट पर भी हमला या सैन्य कार्रवाई पूरे सीजफायर के उल्लंघन के बराबर मानी जाएगी।
ईरान ने साफ कहा कि यदि किसी भी मोर्चे पर युद्धविराम तोड़ा जाता है तो उसके परिणामों के लिए अमेरिका और इजरायल जिम्मेदार होंगे। यह बयान ऐसे समय आया है जब लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में तनाव लगातार बना हुआ है।
सीजफायर को सभी मोर्चों पर लागू माना जाना चाहिए: इस्माइल बघाई
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि क्षेत्रीय हालात और लेबनान में जारी हमले कूटनीतिक प्रयासों को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सीजफायर को सभी मोर्चों पर लागू माना जाना चाहिए और किसी भी तरह का उल्लंघन पूरे समझौते को कमजोर करेगा।
हालांकि अमेरिका और इजरायल की ओर से पहले यह संकेत दिए गए थे कि ईरान-अमेरिका युद्धविराम समझौता सीधे तौर पर लेबनान को शामिल नहीं करता। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच अलग-अलग व्याख्याएं सामने आती रही हैं।
तनाव बढ़ने के बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ औन और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू दोनों से राजनयिक वार्ता के लिए बात की। अमेरिका ने प्रस्ताव रखा कि पहले कदम के रूप में हिजबुल्लाह इजरायल पर सभी हमले बंद कर दे और बदले में इजरायल बेरूत में तनाव न बढ़ाए।
