'कंगाल' पाकिस्तान अब बेच रहा यूरेनियम? हीथ्रो एयरपोर्ट पर बरामदगी के बाद उठे सवाल

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  • Updated Jan 12, 2023, 04:09 PM IST

Uranium at Hethrow airport : रिटायर्ड मेजर जनरल एके सिवाच का कहना है कि पाकिस्तान का ट्रैक रिकॉर्ड तकनीक बेचकर पैसा कमाने का रहा है। हीथ्रो एयरपोर्ट पर मिले यूरेनियम के तार यदि पाकिस्तान से जुड़ रहे हैं तो इसमें हैरानी नहीं होनी चाहिए। साल 2004 में पाकिस्तान के परमाणु वैज्ञानिक एक्यू खान न्यूक्लियर हथियारों की तस्करी में पकड़े गए थे।

Uranium at Hethrow airport : लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट के एक कंटेनर में यूरेनियम मिला है। यूरेनियम मिलने से ब्रिटेन की सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं। अब तक कि जांच में इस यूरेनियम के तार पाकिस्तान से जुड़े हैं। बताया जा रहा है कि इस यूरेनियम को पाकिस्तान से ओमान के रास्ते लंदन पहुंचाया गया। इसके बाद ओमान से पानी के जहाज के रास्ते यह यूरेनियम लंदन पहुंचा। इस यूरेनियम को ईरान के नागरिक को सौंपा जाना था लेकिन इसके पहले यह लंदन पुलिस के हाथ लग गया। यह घटना गत 29 दिसंबर की है। सवाल है कि आखिरकार यह यूरेनियम लंदन पहुंचा कैसे। सुरक्षा एजेंसियां इसका पता करने में जुटी हैं।

तकनीक बेचकर पैसा कमाता है पाकिस्तान-एक्सपर्ट

रिटायर्ड मेजर जनरल एके सिवाच का कहना है कि पाकिस्तान का ट्रैक रिकॉर्ड तकनीक बेचकर पैसा कमाने का रहा है। हीथ्रो एयरपोर्ट पर मिले यूरेनियम के तार यदि पाकिस्तान से जुड़ रहे हैं तो इसमें हैरानी नहीं होनी चाहिए। साल 2004 में पाकिस्तान के परमाणु वैज्ञानिक एक्यू खान न्यूक्लियर हथियारों की तस्करी में पकड़े गए थे। यूरेनियम संवर्धित करने के लिए वह न्यूक्लियरों हथियारों से जुड़े दस्तावेज लीबिया, ईरान और उत्तर कोरिया को भेज रहे थे। बाद में उन्हें पकड़कर नजरबंद किया गया। रक्षा विशेषज्ञ ने बताया कि वैसे तो यूरेनियम आसानी से आग पकड़ लेता है लेकिन इसे 98 प्रतिशत तक यदि संवर्धित कर दिया जाता है तो इससे न्यूक्लियर हथियार बनाया जा सकता है।

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