Russia Ukraine War : 24 फरवरी 2022 को रूस ने यूक्रेन पर जब हमला किया तो हर तरफ यही बात कहे जाने लगी कि पुतिन के प्रहार के आगे वह टिक नहीं पाएगा और कुछ दिनों के भीतर अपने घुटने टेक देगा। युद्ध के आठ महीने बीत जाने के बाद भी यूक्रेन का मनोबल टूटा नहीं है। वह रूस से लोहा ले रहा है। उसकी सेना ने कई इलाकों में अपना नियंत्रण दोबारा हासिल किया और रूसी सेना को पीछे हटना पड़ा।
दावा है कि अमेरिका सहित पश्चिमी देशों ने यूक्रेन को अपने हथियार दिए हैं।
कीव की ताकत को कम आंका जाता था
दरअसल, यूक्रेन और रूसी सेना के आकार एवं ताकत की तुलना करते हुए कीव की ताकत को कम आंका जाता था। दोनों की सेना में जमीन-आसमान का अंतर है लेकिन यूक्रेन ने जिस तरह से युद्ध के मोर्चे पर सामना किया है, उससे इस बात को बल मिला कि पीछे से उसे हथियारों, तकनीक एवं रूसी सेना के मूवमेंट की रीयल टाइम इंटेलिजेंस उपलब्ध कराई जा रही है। रूस ने खुले तौर पर यूक्रेन को हथियारों की मदद पहुंचाने वाले देशों का नाम लिया।
अमेरिका सहित इन देशों ने की मदद
रिपोर्टों की मानें तो रूस ने दावा किया कि अमेरिका, ब्रिटेन, लिथुआनिया, पोलैंड, चेक गणराज्य, बुल्गारिया, फ्रांस और तुर्किये जैसे देश यूक्रेन को हथियारों एवं अन्य तरीके से मदद कर रहे हैं। यूक्रेन को हथियारों की मदद देने की बात पर सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (सीएसआईएस) ने भी अपनी मुहर लगाई है। सीएसआईएस का कहना है कि यूक्रेन को हथियार भेजने के बाद अमेरिका में मिसाइल, रॉकेट, लॉन्चर्स की कमी हो गई है। इस रिपोर्ट में यूक्रेन भेजे गए हथियारों की संख्या और अमेरिकी शस्त्रागारों इनकी स्थिति के बारे में बताया गया है।
यूक्रेन को अमेरिका ने दिए घातक हथियार
रिपोर्ट की मानें तो यूक्रेन में हथियार भेजने के बाद अमेरिका के पास रॉकेट, मिसाइलों, तोप एवं गोला-बारूद की कमी हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने एनएलआरएस रॉकेट्स, HIMARS लॉन्चर, जैवलिन मिसाइल, एंटी टैंक मिसाइल, स्ट्रिंगर मिसाइल, एम-777 होवित्जर, 155 एमएम के गोला-बारूद एवं काउंटर आर्टिलरी रडार भेजे । रिपोर्ट में भेजे गए हथियारों की संख्या भी बताई गई है। कहा गया है कि यूक्रेन में हथियार भेजने के बाद अमेरिका में इन हथियारों की संख्या सीमित हो गई है।
एक्ट के तहत यूक्रेन को हथियार देता है अमेरिका
दरअसल के अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने कार्यकाल में 'यूक्रेन फ्रीडम सपोर्ट एक्ट' पर हस्ताक्षर किए थे। इस एक्ट को कांग्रेस से मंजूरी मिली थी। तभी से अमेरिका यूक्रेन को लगातार घातक हथियार मुहैया करा रहा है।
