सिर्फ इस वजह से यूक्रेन कर देगा सरेंडर, पुतिन के रुख से नाटो देश भी सहमे

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 23, 2022, 08:54 AM IST

रूस और यूक्रेन के बीच पिछले 9 महीने से चल रही लड़ाई बेनतीजा है। यूक्रेन के खेरसॉन को रूस खाली कर चुका है। लेकिन पुतिन का यह कदम किसी बड़े हमले की तरफ इशारा कर रहा है।

रूस-यू्क्रेन जंग अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है।कभी रूस का पलड़ा भारी तो कभी किसी हिस्से में यूक्रेन की बाज़ी सेट।.बस यही हालात पुतिन को बेकरार और बेचैन कर रहे हैं. लेकिन पुतिन की ये बेचैनी दुनिया को महाविनाश की दहलीज पर ला देगी ये तय है क्योंकि रूस के भीतर अब ये बात ज़ोर पकड़ रही है कि कुछ भी हो लेकिन आर या पार करें।अगर जंग जीतने के लिए परमाणु धमाका ज़रूरी है तो वो भी करें।गर हमारे पास जीत दिलाने वाले हथियार हैं। तो उनका इस्तेमाल करना आश्चर्यजनक है। अगर ऐसा है तो फिर हमने उन्हें बनाया क्यों है। अगर हमे ऐसा लगता है कि हमारी जान की कोई अहमियत ही नहीं है।और अगर न्यूक्लियर हथियारों को इसलिए नहीं इस्तेमाल करना है ताकि पश्चिम के देश बचे रहें भले ही रूस खत्म हो जाए। ऐसा है तो फिर सारे एडवांस्ड हथियार बनाने बंद कर देने चाहिए। अगर इन हथियारों से आत्मरक्षा का मकसद ही पूरा नहीं होता। नहीं इस मुद्दे पर आपका तर्क गलत है। आत्मरक्षा निर्भर करती है सैन्य कार्रवाई से अगर आप ऐसी शर्तों से बंधे हैं जो स्वीकार्य ही नहीं हैं, वो भी उस स्थिति में जब आपके खिलाफ NATO जंग कर रहा हो और अपनी ताकत दिखा रहा हो। तब तो आपको अहसास हो जाना चाहिए की परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का वक्त आ गया है।

क्या रूस के वजूद को भी है खतरा

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