ब्रिटेन की गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने पद से दिया इस्तीफा

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  • Updated Oct 19, 2022, 10:57 PM IST

Suella Braverman: सुएला ब्रेवरमैन ने मंगलवार को कहा था कि भारत के साथ व्यापार समझौता पूरा करने के लिए उनका देश उत्सुक है ताकि दोनों अर्थव्यवस्थाओं को मजबूती मिल सके। ब्रेवरमैन लंदन में मंगलवार शाम इंडिया ग्लोबल फोरम (आईजीएफ) की तरफ से दीपावली के पहले आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रेक्सिट के बाद व्यापार या वीजा को लेकर ब्रिटेन की सोच यूरो-केंद्रित नहीं रह गई है।

Suella Braverman: ब्रिटेन में राजनीतिक और आर्थिक उथल-पुथल के बीच ब्रिटेन की गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। ब्रेवरमैन की बुधवार को प्रधानमंत्री ट्रस के साथ बैठक हुई और इसे सरकार की नीति पर असहमति का परिणाम नहीं माना जा रहा। ब्रेवरमैन को 43 दिन पहले ही गृह मंंत्री नियुक्त किया गया था, जब ब्रिटिश प्रधानमंत्री लिज ट्रस ने 10 डाउनिंग स्ट्रीट में कार्यभार संभाला था। वहीं पिछले शुक्रवार को क्रासिंस्की क्वार्टेंग को वित्त मंत्री पद से हटा दिया गया था और उनके उत्तराधिकारी, वित्त मंत्री जेरेमी हंट ने सोमवार को सरकार के मिनी-बजट में कटौती कर दी। इस कदम से ट्रस के नेतृत्व के लिए संकट और बढ़ने की आशंका है।

Suella Braverman

ब्रिटेन की गृह सचिव सुएला ब्रेवरमैन ने पद से दिया इस्तीफा।

सुएला ब्रेवरमैन ने गृह मंत्री के पद से दिया इस्तीफा

भारत के साथ व्यापार समझौता पूरा करने के लिए ब्रिटेन उत्सुक: ब्रेवरमैन

इससे पहले ब्रिटेन की गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने मंगलवार को कहा था कि भारत के साथ व्यापार समझौता पूरा करने के लिए उनका देश उत्सुक है ताकि दोनों अर्थव्यवस्थाओं को मजबूती मिल सके। ब्रेवरमैन लंदन में मंगलवार शाम इंडिया ग्लोबल फोरम (आईजीएफ) की तरफ से दीपावली के पहले आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रेक्सिट के बाद व्यापार या वीजा को लेकर ब्रिटेन की सोच यूरो-केंद्रित नहीं रह गई है।

भारतीय मूल की ब्रेवरमैन ने हाल ही में भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर अपने बयान के बाद उपजे विवाद को देखते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश करते हुए कहा कि ब्रिटेन के गांवों, कस्बों एवं शहरों का भारत से आने वाले लोगों से काफी संवर्धन हुआ है। ब्रेवरमैन ने कहा कि स्वाभाविक रूप से हमारे देशों को एक साथ मिलकर काम करने के लिए एक आर्थिक अनिवार्यता है। इसीलिए हम एक व्यापार समझौता संपन्न होने के लिए इतने उत्सुक हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्थाओं को सशक्त करने के साथ वर्ष 2030 तक आपसी संबंधों को और मजबूत बनाने का भी साझा संकल्प है। उन्होंने कहा कि भारत और ब्रिटेन के द्विपक्षीय रिश्तों के अलावा हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए भी यह काफी महत्वपूर्ण है।

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