Sikh girl gangrapd in London: लंदन में एक 15 साल की सिख लड़की के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है। अपहरण और गैंगरेप की यह घटना पश्चिमी लंदन के हाउनस्लो की है। हैरान करने वाली बात है कि इस जघन्य अपराध में शामिल सभी आरोपी पाकिस्तानी मूल के हैं। रिपोर्टों के मुताबिक इस नाबालिग लड़की को 34 साल के आरोपी ने अपने फ्लैट पर बंधक बनाकर रखा और यहां पर पीड़ित के साथ कई बार रेप हुआ। संडे गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक लड़की के साथ गैंगरेप की इस घटना में छह लोगों के शामिल होने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि ये सभी आरोपी 'ग्रूमिंग गैंग' का हिस्सा हैं। इस अपराध के बाद ब्रिटेन में न्याय एवं जवाबदेही तय करने की मांग ने एक बार फिर जोर पकड़ ली है।
लंदन में 15 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप। तस्वीर-X/@Kunal_Mechrules
200 लोगों ने आरोपी के फ्लैट पर बोला धावा
खास बात यह है कि फ्लैट में लड़की के कैद होने की खबर मिलते ही सिख समुदाय के 200 से अधिक लोग उसे बचाने के लिए पहुंच गए और फ्लैट पर धावा बोल दिया। सिख समुदाय के लोगों ने वहां इस पीड़ित लड़की को बचाया। बता दें कि पाकिस्तान का 'ग्रूमिंग गैंग' लंदन में काफी एक्टिव रहता है। यह गैंग छोटी बच्चियों को अपना शिकार बनाता है। इस गैंग द्वारा पहले भी छोटी बच्चियों का शोषण करने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। यहां सिख समुदाय के लोगों की पुलिस के साथ झड़प भी हुई। लोगों ने इस मामले में तुरंत न्याय देने की मांग की।
दशकों से सक्रिय है पाकिस्तानी 'ग्रूमिंग गैंग'
बताया जाता है कि पाकिस्तानी 'ग्रूमिंग गैंग' ब्रिटेन में दशकों से सक्रिय है। यह गैंग साजिश के तहत छोटी बच्चियों का यौन शोषण करता है। इनके निशाने पर 11 से 16 साल की छोटी एवं नाबालिग बच्चियां रहती हैं। गैंग के सदस्य प्रेम, उपहार एवं दोस्ती के नाम पर लड़कियों को अपनी चंगुल में फंसाते हैं। लड़कियां जब इनकी चंगुल में फंस जाती हैं तो ये उन्हें धमकी देकर ब्लैकमेल करते हैं। यहां तक कि उनकी तस्करी भी करते हैं। सिख अवेयरनेस सोसायटी एवं सिख हेल्पलाइन जैसे सामुदायिक संगठनों ने साल 1970 के बाद से ही इस 'ग्रूमिंग गैंग' के खिलाफ सबूत एवं दस्तावेज जुटाए हैं। लड़कियों का भरोसा जीतने के लिए इस गैंग के सदस्य कई बार अपनी पहचान छिपाकर खुद को सिख बताते हैं। इसके बाद वे उनका शोषण, धर्म परिवर्तन अथवा फर्जी शादी करते हैं।
हिंसक रेप का शिकार हुईं बच्चियां
हाउनस्लो की यह घटना नई नहीं है। इसी तरह की घटनाएं पहले रॉथरहैम एवं रोचडेल में हो चुकी हैं जहां हजारों बच्चियों के शोषण की बात सामने आ चुकी है। एलेक्सिस जे रिपोर्ट (2014) में दावा किया गया है कि 1977 से 2013 के बीच रॉथरहैम में कम से कम 1,400 बच्चियों का शोषण हुआ। शोषण एवं अत्याचार करने वाले में ज्यादातर पाकिस्तानी मूल के आरोपी थे। वहीं, पीड़ितों ने अपने साथ भयावह अपराध होने की घटनाएं रिपोर्ट दर्ज कराई हैं। लड़कियों ने कहा कि कई शहरों में उनकी तस्करी हुई। उन्हें हथियार दिखाकर डराया गया और वे हिंसक रेप का शिकार हुईं। एक्टिविस्ट्स का कहना है कि ब्रिटेन में नस्लवादी राजनीति के डर से जांच हमेशा प्रभावित हुई। गुनहगारों को सजा नहीं मिलने से इस गैंग के हौसले बुलंद हैं।
