भारतीय मूल के ऋषि सुनक (Rishi Sunak)भले ही ब्रिटेन के नए बॉस (प्रधानमंत्री) बन चुके हों, मगर उनके खिलाफ कथित तौर पर एजेंडा चलाया गया है। अपनी हिंदू पहचान पर गर्व करने वाले सुनक के खिलाफ खास वर्ग के लोगों ने उन्हें निशाने पर लेने की कोशिश की। वह जब से पीएम बने हैं, तब से वहां का एक धड़ा और मीडिया यह दिखाने के प्रयासों में जुटा है कि वह वहां के किंग (राजा) से भी अमीर हैं।
वहां लेबर पार्टी की सांसद नादिया व्हिटोम ने ट्वीट कर सुनक और उनकी पत्नी की दौलत को मुद्दा बनाने का प्रयास किया था। ट्वीट कर कहा था- सुनक और उनकी पत्नी की संपत्ति 73 करोड़ पाउंड है, जबकि किंग चार्ल्स की संपत्ति 35 करोड़ पाउंड है।
Rishi Sunak has been crowned our third Prime Minister in 7 weeks.Chosen by around 200 Tory MPs - less than 0.0003… t.co/ndLRd88Stn
— ANI (@ANI) Oct 24, 2022
🚨 The UN warns we’re on track for catastrophic 2.6C warming. This should be a wake-up call for our government.Wha… t.co/gEQptguTxc
— ANI (@ANI) Oct 28, 2022
वैसे, ब्रिटिश राजघराने की हालत इतनी भी नाजुक नहीं है। किंग चार्ल्स और उनकी पत्नी की कुल संपत्ति 300 से 350 मिलियन पाउंड है। उनकी आय के मुख्य स्रोत में क्राउन एस्टेट, डची ऑफ लैंकेस्टर और डची ऑफ कॉर्नवाल हैं। पर क्राउन स्टेट (ब्रिटिश हुकूमत की संपत्ति) की बात करें तो वह सुनक की संपत्ति से कई गुणा ज्यादा है। लेकिन एक तरह के आंकड़ों को निकालकर उनके खिलाफ कथित तौर पर एजेंडा चलाया जा रहा है।
#RishiSunak@RishiSunak 100 years back, the club sign of colonial British India said — No dogs or Indians. Fate… t.co/wvODVUzmvH
— ANI (@ANI) Oct 30, 2022
सियासी गलियारों में इस पूरे मुद्दे को दूसरे चश्मे से भी देखा जा रहा है। दरअसल, सुनक ने पीएम बनने से पहले और बाद कुछ ऐसे बयान (हिंदू पहचान पर गर्व से जुड़े) दिए, जिससे कथित तौर पर ब्रिटिश लोगों की 'व्हाइट पीपल सुपीरियर' (गोरे लोग ही सर्वश्रेष्ठ हैं) की मानसिकता को चोट पहुंची है। ऐसे लोगों को इसके साथ ही यह बात भी खटक रही है कि जिस देश में कभी अंग्रेजों का राज था, वहां से ताल्लुक रखने वाला व्यक्ति मौजूदा समय में ब्रिटेन का पीएम है।
