US Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी बेबाकी के लिए मशहूर हैं। ईरान युद्ध के बीच वो लगातार सोशल मीडिया हैंडल ट्रूथ सोशल के जरिए अपनी बातें बेबाकी से रखते हैं। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओवल ऑफिस में जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस भी किए। इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने दूसरे विश्व युद्ध की त्रासदी को लेकर एक ऐसी बात कह दी, जिससे सुनकर जापानी की पीएम सन्न रह गई।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने जापान के पीएम साने ताकाइची से की मुलाकात।
दरअसल, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जापान के एक पत्रकार ने ट्रंप से 28 फरवरी को ईरान पर हुए हमलों के बारे में सहयोगियों को जानकारी न करने पर सवाल पूछा।
ट्रंप ने क्या-क्या कहा?
जब पत्रकार ने पूछा कि जापान जैसे सहयोगियों को भरोसे में क्यों नहीं लिया गया तो ट्रंप ने जवाब दिया कि अमेरिका ने बहुत घातक हमला किया और सरप्राइज बनाए रखने के लिए किसी को नहीं बताया। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री ताकाइची की ओर मुड़कर मजाक के तौर पर कहा, “सरप्राइज के बारे में जापान से बेहतर कौन जानता है? आपने मुझे पर्ल हार्बर के बारे में क्यों नहीं बताया था, ओके?”
ट्रंप की इस टिप्पणी के बाद ओवल ऑफिस में थोड़ी देर खामोशी छा गई। ट्रंप ने आगे कहा कि इसी सरप्राइज की वजह से अमेरिका ने ईरान की 50 प्रतिशत से अधिक सैन्य क्षमता को उम्मीद से ज्यादा तबाह कर दिया।
जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने गुरुवार को बिगड़ती वैश्विक सुरक्षा पर चिंता जताई। साथ ही उन्होंने मध्य पूर्व एवं अन्य जगहों पर संघर्ष रोकने के लिए एक समन्वित अंतरराष्ट्रीय प्रयास पर जोर दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रशंसा करते हुए तकाइची ने कहा कि दुनिया में शांति कायम करने में वह महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। तकाइची तीन दिनों के यूएस दौरे पर हैं।
ट्रंप ने तकाइची को लोकप्रिय, शक्तिशाली महिला कहा
तकाइची ने कहा कि 'पश्चिम एशिया और दुनिया भर में इस समय बहुत ही गंभीर सुरक्षा माहौल है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी परिस्थितियों के बावजूद, मुझे पूरा विश्वास है कि केवल आप, डोनाल्ड, ही पूरी दुनिया में शांति स्थापित कर सकते हैं।' दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के लिए गर्मजोशी भरे शब्द कहे, जिसमें ट्रंप ने प्रधानमंत्री को 'लोकप्रिय, शक्तिशाली महिला' बताया। हालांकि, ऐसा लगा कि कुछ तनाव भी है, क्योंकि पत्रकार बार-बार ईरान युद्ध में जापान के समर्थन को लेकर सवाल पूछ रहे थे।
