Trump Pauses Tariffs On most Nations: वैश्विक बाजार में मंदी का सामना कर रहे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को अचानक कदम पीछे खींच लिए। ट्रंप ने 90 दिनों के लिए अधिकांश देशों पर टैरिफ रोक दिया है, लेकिन चीनी आयात पर टैक्स दर बढ़ाकर 125 प्रतिशत कर दी। ट्रेजरी सचिव ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप अधिकांश देशों पर 10% बेसलाइन टैरिफ बनाए रखेंगे, जबकि चीन के खिलाफ कार्रवाई बढ़ाएंगे। यह अमेरिका और दुनिया के अधिकांश देशों के बीच अभूतपूर्व व्यापार युद्ध को अमेरिका और चीन के बीच सीमित करने का एक प्रयास नजर आ रहा है।
ट्रंप का टैरिफ
टैरिफ वॉर की जंग में उलझे ट्रंप और जिनपिंग
ट्रंप और जिनपिंग के बीच टैरिफ वॉर की जंग तेज हो चुकी है। दोनों एक-दूसरे पर एक के बाद एक नए-नए टैरिफ का ऐलान कर रहे हैं। चीन ने पलटवार करते हुए अमेरिका से आयातित उत्पादों पर टैरिफ को बढ़ाकर 84 फीसदी करने का ऐलान किया। इससे एक दिन पहले अमेरिका ने चीन पर 104 फीसदी का शुल्क लगाया था।
चीन पर पहले 104 अब 125 फीसदी टैरिफ
ट्रंप द्वारा लगाया गया अतिरिक्त 50 प्रतिशत शुल्क बुधवार से लागू हो गया, जिसके बाद अमेरिका में चीनी निर्यात पर कुल शुल्क बढ़कर 104 प्रतिशत हो गया था। लेकिन अब ट्रंप ने इसे बढ़ाकर 125 फीसदी कर दिया है। वहीं, चीन ने संकल्प लिया कि अगर ट्रंप यह शुल्क व्यवस्था जारी रखते हैं तो वह अंत तक लड़ेगा। अमेरिका के साथ संबंध तनावपूर्ण होने के बीच चीन ने हाल ही में भारत के साथ सीमा पर तनाव कम किया है और जापान और दक्षिण कोरिया जैसे अन्य पड़ोसियों के साथ अपने संबंधों को सुधारने की कोशिश की है, ताकि व्यापार और रणनीतिक मोर्चों पर ट्रंप के कार्यकाल में आने वाले कठिन समय का सामना किया जा सके।
चीन ने लगाया 84 फीसदी टैरिफ
इससे पहले अमेरिका और चीन के बीच चल रहे व्यापार युद्ध के बीच, बीजिंग ने डोनाल्ड ट्रंप के 104 प्रतिशत टैरिफ के जवाब में अमेरिकी सामान पर 84 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया था। चीन ने अमेरिका पर जवाबी टैरिफ 34 प्रतिशत से बढ़ाकर 84 प्रतिशत कर दिया था, जो 10 अप्रैल से प्रभावी होना है। चीन ने कहा है कि वह अमेरिका पर 84% अतिरिक्त टैरिफ लगाएगा। ये ऐलान डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका में कुछ चाइनीज सामानों के आयात पर 104% टैरिफ लगाए जाने के बाद किया गया था।
ट्रंप द्वारा टैरिफ की घोषणा के कुछ दिनों बाद ही चीन ने घोषणा की थी कि वह 10 अप्रैल से सभी अमेरिकी वस्तुओं पर 34 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगाने जा रहा है। बीजिंग ने यह भी कहा था कि वह मीडियम और भारी दुर्लभ चीजों के निर्यात को कंट्रोल करेगा, जो सामग्री कंप्यूटर चिप्स और इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी जैसे हाई-टेक प्रोडक्ट्स में उपयोग की जाती है। ट्रंप ने चीन के 34 प्रतिशत टैक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि चीन ऐसा करने का जोखिम नहीं उठा सकता। उन्होंने अपने ट्रुथ सोशल नेटवर्क पर लिखा था, चीन ने गलत कदम उठाया, वे घबरा गए - एक ऐसी चीज जो वे करने का जोखिम नहीं उठा सकते!
