Donald Trump : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (स्थानीय समयानुसार) को व्हाइट हाउस में आयोजित दिवाली समारोह में हिस्सा लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना 'महान व्यक्ति और मित्र' बताया। इस अवसर पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारतीय एवं भारत मूल के अमेरिकी नागरिकों को प्रकाश पर्व की शुभकामनाएं दीं। ट्रंप ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच अब कोई युद्ध नहीं है, यह अच्छी बात है।
व्हाइट हाउस में मनाई गई दिवाली। तस्वीर-ANI
'भारत और पाकिस्तान के बीच कोई युद्ध नहीं है'
ट्रंप ने इस कार्यक्रम में कहा, 'भारत के लोगों के लिए मैं अपनी हार्दिक शुभकामनाएं व्यक्त करना चाहता हूं। आज मैंने आपके प्रधानमंत्री से बात की, बहुत अच्छी बातचीत हुई। हमने व्यापार पर चर्चा की, उन्हें इसमें बहुत रुचि है। हालांकि हमने कुछ समय पहले यह भी बात की थी कि पाकिस्तान के साथ कोई युद्ध न हो। इस तथ्य पर कि व्यापार पर बातचीत हुई, मुझे यह कहने का अवसर मिला कि भारत और पाकिस्तान के बीच कोई युद्ध नहीं है यह बहुत, बहुत अच्छी बात है। वह एक महान व्यक्ति हैं, और वर्षों से वह मेरे बहुत अच्छे मित्र बन गए हैं।'
अच्छाई की विजय का प्रतीक है दिवाली-ट्रंप
त्योहार के प्रतीकात्मक महत्व को रेखांकित करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, 'कुछ ही पलों में, हम दीया जलाएंगे जो अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। दिवाली के दौरान लोग उन प्राचीन कहानियों को याद करते हैं जिनमें दुश्मनों को पराजित किया गया, बाधाओं को दूर किया गया और बंदियों को मुक्त किया गया।' उन्होंने आगे कहा कि दीये की लौ सभी को यह याद दिलाती है कि 'बुद्धि के मार्ग की खोज करें, परिश्रमपूर्वक कार्य करें और अपने अनेक आशीर्वादों के लिए सदैव कृतज्ञ रहें।'
दीपावली मनाने के लिए दीये जलाए
अपने प्रारंभिक वक्तव्य के बाद, ट्रंप ने व्हाइट हाउस में दीपावली मनाने के लिए दीये जलाए। ट्रंप प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी इस कार्यक्रम में मौजूद थे, जिनमें एफबीआई निदेशक काश पटेल, ओडीएनआई निदेशक तुलसी गबार्ड, व्हाइट हाउस के डिप्टी प्रेस सचिव कुश देसाई, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा शामिल थे। भारतीय-अमेरिकी व्यावसायिक नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी इस समारोह में भाग लिया, जो अमेरिका-भारत संबंधों में भारतीय प्रवासी समुदाय की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
द्विदलीय प्रस्ताव पेश किया
व्हाइट हाउस में यह उत्सव अमेरिकी समाज में दीपावली के सांस्कृतिक महत्व और संयुक्त राज्य अमेरिका तथा भारत के घनिष्ठ संबंधों को रेखांकित करता है। इससे पहले, अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति और ब्रायन फिट्ज़पैट्रिक ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में एक द्विदलीय प्रस्ताव पेश किया था, जिसमें 20 अक्टूबर से शुरू हुई दीपावली के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को मान्यता देने की बात कही गई थी।
