ईरान में फंसे F-15E के पायलट के रेस्क्यू मिशन को लेकर अब अमेरिका और ईरान आमने-सामने हैं। दोनों देशों ने इसे लेकर एक-दूसरे के खिलाफ हमला बोला है। ईरान ने जहां इसे अमेरिका की कड़वी हार बताया, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे अमेरिकी इतिहास के सबसे साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशनों में से एक बता रहे हैं। उनका दावा है कि इस ऑपरेशन को दो भाग में अंजाम दिया गया। जिसमें अमेरिकी जासूसी एजेंसी CIA और SEAL Team ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
रेस्क्यू मिशन पर ईरान-अमेरिका के अलग-अलग दावे। (फोटो- AI/ANI)
ईरान के खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फगारी ने दावा किया कि अमेरिकी सेना को इस्फहान में 'अपमानजनक हार' का सामना करना पड़ा।उन्होंने कहा कि ईरानी सुरक्षा बलों के बहादुरी से भरे अभियानों ने अमेरिकी सैन्य क्षमता की पोल-पट्टी खोलकर रख दी है। अब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अपनी कमजोर सेना की कड़वी हार को छुपाने के लिए भ्रम पैदा करने वाले बयान दे रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि हमने पहले ही चेतावनी दी थी कि सशस्त्र बलों में देश के बहादुर योद्धा हैं, ईश्वर की कृपा से वे किसी भी आक्रमणकारी को मार गिराएंगे और हमलावरों को पूरी तरह से कुचल देंगे। दक्षिणी इस्फ़हान में ईरानी सेना की निर्णायक जीत इस साहसी कार्रवाई का स्पष्ट उदाहरण है। उन्होंने ने यह भी दावा किया कि ईरानी बलों ने अमेरिका के खोज अभियान के दौरान एक C-130 श्रेणी के विमान को मार गिराया। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी।
F-15E के पायलट के रेस्क्यू मिशन को लेकर ट्रंप ने क्या कहा?
इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस रेस्क्यू मिशम को अमेरिकी सैन्य इतिहास का सबसे साहसी रेस्क्यू मिशन करार दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर उन्होंने लिखा कि अमेरिकी सेना ने दूसरे लापता क्रू मेंबर को सफलतापूर्वक बचा लिया है। उन्होंने इसे “अमेरिकी इतिहास के सबसे वीरतापूर्ण रेस्क्यू मिशनों में से एक” बताया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने लिखा, "हमने उसे ढूंढ लिया! मेरे प्यारे अमेरिकी नागरिकों, पिछले कुछ घंटों में, अमेरिकी सेना ने अमेरिकी इतिहास के सबसे साहसी खोज और बचाव अभियानों में से एक को अंजाम दिया , हमारे एक अविश्वसनीय क्रू मेंबर ऑफिसर के लिए, जो एक अत्यंत सम्मानित कर्नल भी हैं।' उन्होंने बताया कि स्थानीय ईरानी समूहों द्वारा दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों को निशाना बनाए जाने के बाद, अमेरिकी सेना ने दूसरे बचाव अभियान के लिए सबसे घातक हथियारों से लैस दर्जनों विमान भेजे। उन्हें चोटें आई हैं, लेकिन वे पूरी तरह ठीक हो जाएंगे। यह खोज और बचाव अभियान कल एक अन्य बहादुर पायलट के सफल बचाव के अतिरिक्त है। सैन्य इतिहास में यह पहली बार है कि दो अमेरिकी पायलटों को दुश्मन के इलाके में अलग-अलग बचाया गया है। हम कभी भी किसी अमेरिकी सैनिक को पीछे नहीं छोड़ेंगे!'ट्रंप ने आगे लिखा कि बिना किसी अमेरिकी सैनिक की जान गंवाए या घायल हुए इन दोनों अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम देना, एक बार फिर साबित करता है कि हमने ईरानी आसमान पर जबरदस्त हवाई वर्चस्व और श्रेष्ठता हासिल कर ली है। यह एक ऐसा क्षण है जिस पर सभी अमेरिकियों को, चाहे वे रिपब्लिकन हों, डेमोक्रेट हों या कोई और, गर्व करना चाहिए और एकजुट होना चाहिए। हमारे पास वास्तव में विश्व के इतिहास की सर्वश्रेष्ठ, सबसे पेशेवर और सबसे घातक सेना है।
