Shehbaz Sharif: पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय बेइज्जती होना कोई नई बात नहीं है। अपने 'कारनामों' से वैश्विक मंचों पर वह लगातार अपनी किरकिरी कराता आया है। उसे इसकी आदत सी पड़ गई है। अब पाकिस्तान की नई बेइज्जती वाशिंगटन में हुई है। बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक में शामिल होने के लिए अमेरिका पहुंचे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अन्य देशों के प्रमुखों के बीच उन्हें स्कूली बच्चे की तरह खड़ा कर देंगे। ट्रंप के
वाशिंगटन में हुई बोर्ड ऑफ पीस की बैठक।
शहबाज ने ट्रंप की खूब 'चापलूसी' की
यह तब था जब शहबाज ने ट्रंप की खूब 'चापलूसी' की और उन्हें 'शांति का मसीहा' और 'दक्षिण एशिया का रक्षक' तक बता दिया। दरअसल, गुरुवार को बोर्ड ऑफ पीस की बैठक को ट्रंप संबोधित कर रहे थे तो इस बैठक में अन्य देशों के प्रमुख भी उपस्थित थे। इन नेताओं के बीच ट्रंप ने शहबाज के साथ जूनियर जैसा बर्ताव किया। भारत-पाकिस्तान संघर्ष रुकवाने का अपना राग दोहराते हुए ट्रंप ने कहा कि शहबाज को खड़ा होना चाहिए। इतना सुनते ही पाकिस्तान के पीएम अपनी कुर्सी से उठकर खड़े हो गए। लेकिन हैरान करने वाली बात है कि शहबाज के खड़े होने पर ट्रंप ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
...फिर शहबाज का उतर गया चेहरा
शहबाज जब खड़े थे तो ट्रंप अपनी बड़ाई करते नजर आए। ट्रंप के इस व्यवहार के बाद शहबाज का चेहरा उतर गया। शहबाज चाहते थे कि ट्रंप उनके बारे में दो शब्द कहें लेकिन उनकी इच्छा अधूरी रह गई। यही नहीं, बोर्ड ऑफ पीस के सदस्य देशों का जब फोटो सेशन होना शुरू हुआ तो शहबाज मंच पर अलग-थलग दिखाई दिए। कोई उनसे बात नहीं कर रहा था। वह अंतिम लाइन में एक तरफ किनारे चुपचाप खड़े थे। इस फोटो सेशन में पाकिस्तानी पीएम को बीच में जगह नहीं दी गई। उन्हें पीछे जाने के लिए कहा गया।
अंत में ट्रंप ने थोड़ी सी तारीफ की
आगे की कतार में ट्रंप के साथ अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रूबियो खड़े थे और अमेरिकी राष्ट्रपति के ठीक पीछे सऊदी अरब, इंडोनेशिया और कतर के नेताओं को जगह दी गई। जबकि शहबाज दूसरी पंक्ति में किनारे खड़े थे। हालांकि, ट्रंप ने शहबाज को पूरी तरह से रुसवा नहीं किया। अंत में उन्होंने शहबाज और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की थोड़ी सी तारीफ की। शहबाज की तरफ देखते हुए ट्रंप ने कहा कि 'वह उसे पसंद करते हैं।'
