PM Modi grand welcome in colombo : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पड़ोसी देश श्रीलंका में हैं। वह अपने तीन दिवसीय दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री के रूप में श्रीलंका की यह उनकी चौथी यात्रा है। पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान श्रीलंका ने स्वागत जोरदार तरीके से किया। उनके मान-सम्मान में कोई कमी नहीं रहने दी है। यही नहीं उसने अपने सर्वोच्च सम्मान 'मित्र विभूषण' से पीएम मोदी को सम्मानित किया है। प्रधानमंत्री बीते शुक्रवार को जब कोलंबो पहुंचे तो उनका स्वागत और अगवानी करने में श्रीलंका सरकार ने कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। हवाई अड्डे पर पीएम मोदी का स्वागत करने के लिए राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायका ने मंत्रियों की फौज उतार दी।
श्रीलंका में प्रधानमंत्री मोदी का जोरदार स्वागत।
एयरपोर्ट पर छह मंत्रियों ने की अगवानी
हवाई अड्डे से लेकर कोलंबो के होटल तक भारतीय पीएम का जोरदार स्वागत हुआ। भारी बारिश के बीच भारतीय समुदाय के लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत दिल खोलकर किया। श्रीलंका जाने के लिए पीएम मोदी शुक्रवार को थाईलैंड से रवाना हुए। बैंकॉक में उन्होंने बिम्स्टेक सम्मलेन में हिस्सा लिया। इसके बाद वह श्रीलंका के लिए निकले। पीएम का विमान जब गुरुवार रात कोलंबो एयरपोर्ट उतरा तो उनकी अगवानी करने के लिए श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ, स्वास्थ्य मंत्री नालिंदा जयातिसा, श्रम मंत्री अनिल जयंता, मत्स्य मंत्री रामलिंगम चंद्रशेखर, महिला एवं बाल मंत्री सरोजा सावित्री पौलराज और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री क्रिसंता अबेयसेना मौजूद रहे।
पीएम मोदी को दी गई तोपों की सलामी
अगले दिन यानी शनिवार को श्रीलंका की राजधानी के मध्य में स्थित ऐतिहासिक स्वतंत्रता चौक ‘इंडीपेंडेंस स्क्वायर’ पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया। किसी अन्य देश के नेता को यहां संभवत: पहली बार इस प्रकार सम्मानित किया गया है। लाल कालीन पर चलते हुए पीएम ने गॉर्ड ऑफ ऑनर लिया और इस दौरान उन्हें तोपों की सलामी दी गई। भारत के लिए यह अद्भुत नजारा था। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने स्वतंत्रता चौक पर प्रधानमंत्री का स्वागत किया।
रक्षा सहयोग पर हो सकता है अहम समझौता
प्रधानमंत्री मोदी की श्रीलंका यात्रा के दौरान के घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि रक्षा सहयोग पर समझौता समेत सात समझौतों को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है, इनके अलावा तीन और समझौते भी हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि यदि रक्षा सहयोग पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होते हैं, तो यह भारत-श्रीलंका रक्षा संबंधों में एक बड़ी पहल का संकेत होगा, तथा लगभग 35 वर्ष पहले भारत द्वारा द्वीपीय राष्ट्र से भारतीय शांति सेना (आईपीकेएफ) को वापस बुलाए जाने से संबंधित कटु अध्याय को पीछे छोड़ देगा। प्रधानमंत्री की श्रीलंका यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब यह द्वीपीय देश आर्थिक संकट से उबरने के संकेत दे रहा है। तीन साल पहले श्रीलंका बड़े आर्थिक संकट से जूझ रहा था और भारत ने उसे 4.5 अरब अमेरिकी डॉलर की वित्तीय सहायता दी थी।
श्रीलंका को वित्तीय मदद देगा भारत
मोदी और दिसानायके के बीच वार्ता के बाद, ऋण पुनर्गठन पर श्रीलंका को भारत की सहायता तथा मुद्रा विनिमय पर भारत की सहायता से संबंधित दो दस्तावेज सार्वजनिक किए जाने की संभावना है। श्रीलंका में भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा ने कहा कि द्वीपीय राष्ट्र को भारत की सहायता दुनिया के किसी भी देश को दी गई सहायता के संदर्भ में ‘अभूतपूर्व’ है। झा ने कहा, ‘यह बहुत बड़ी सहायता थी और हम विभिन्न क्षेत्रों में सहायता प्रदान करने के लिए श्रीलंका के साथ काम करना जारी रख रहे हैं। इसकी यहां बहुत सराहना की जाती है।’उन्होंने कहा, ‘हम उस समझ के तत्वों को आगे बढ़ा रहे हैं और संबंधों में एक नया एजेंडा जोड़ रहे हैं क्योंकि आप सभी जानते हैं कि भारत और श्रीलंका सबसे करीबी समुद्री पड़ोसी हैं।’
ऐतिहासिक शहर अनुराधापुरा जाएंगे पीएम
मोदी और दिसानायके कोलंबो में भारत की सहयाता से बनाई गई कई परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। दोनों नेता सामपुर सौर ऊर्जा परियोजना के ‘ऑनलाइन’ शिलान्यास के भी साक्षी बनेंगे। मोदी का श्रीलंका के कई नेताओं से भी मिलने का कार्यक्रम है। मोदी और दिसानायके छह अप्रैल को ऐतिहासिक शहर अनुराधापुरा जाएंगे, जहां वे महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। दोनों नेता संयुक्त रूप से अनुराधापुरा में भारत की सहायता से तयार दो परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे।
