दक्षिण कोरिया में मार्शल लॉ लग गया है। साउथ कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक येओल ने मार्शल लॉ की घोषणा की है। साउथ कोरिया के राष्ट्रपति यून ने कहा कि स्वतंत्र और संवैधानिक व्यवस्था की रक्षा के लिए उनके पास इस तरह के उपाय का सहारा लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं था, उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने देश को संकट में डालने के लिए संसदीय प्रक्रिया को बंधक बना लिया है।
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक येओल ने मार्शल लॉ की घोषणा की
यून की लोकप्रियता में कमी
यून ने टेलीविजन पर अपने संबोधन के दौरान यह घोषणा की, और ‘‘उत्तर कोरिया समर्थक ताकतों को खत्म करने और संवैधानिक लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा करने’’ का संकल्प जताया। हाल में देश में यून की लोकप्रियता में कमी देखी गई है। राष्ट्रपति ने 2022 में पदभार ग्रहण करने के बाद से विपक्ष पर बढ़त बनाए रखने के लिए संघर्ष किया है।
सवालों के घेरे में हैं यून
यून की रूढ़िवादी ‘पीपुल्स पावर पार्टी’ का अगले साल के बजट विधेयक को लेकर उदारवादी विपक्षी ‘डेमोक्रेटिक पार्टी’ के साथ गतिरोध बना हुआ है। वह अपनी पत्नी और शीर्ष अधिकारियों से जुड़े कथित घोटालों की स्वतंत्र जांच की मांग को भी खारिज कर रहे हैं, जिसके चलते उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी उन्हें घेर रहे हैं। यून की घोषणा के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी ने अपने सांसदों की एक आपातकालीन बैठक बुलाई है।
संसद ने दिया हटाने का आदेश
इसके कुछ घंटों बाद, संसद ने घोषणा को निष्प्रभावी करने के लिए मतदान किया, जिसमें नेशनल असेंबली के अध्यक्ष वू वोन शिक ने घोषणा की कि सांसद लोगों के साथ मिलकर लोकतंत्र की रक्षा करेंगे। वू ने पुलिस और सैन्य कर्मियों को संसद परिसर से हटने के लिए कहा। दक्षिण कोरिया की ‘योनहाप’ समाचार एजेंसी के अनुसार, यून के ऐलान के बाद, दक्षिण कोरिया की सेना ने घोषणा की कि संसद और अन्य राजनीतिक सभाएं, जो ‘‘समाज में भ्रम’’ पैदा कर सकती हैं, निलंबित कर दी जाएंगी।
