Iran Pakistan Relation: इजराइल से टकराव के बीच ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी तीन दिन की यात्रा पर पाकिस्तान पहुंचे हैं। मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों में उनकी यह यात्रा काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उनकी पाकिस्तान यात्रा तब हो रही है, जब दो महीने पहले ही देानों देशों ने एक दूसरे के इलाकों में कथित आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। ऐसे में पश्चिमी दुनिया व अन्य देश भी इस यात्रा पर करीबी नजर रख रहे हैं।
पाकिस्तान-ईरान
दरअसल, जनवरी में ईरान ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान में ड्रोन हमला किया था। ईरान की ओर से कहा गया था कि उसने बलूचिस्तान में स्थित जैश अल-अद्ल आतंकी संगठन को निशाना बनाया है। इसके बाद पाकिस्तान ने इस हमले का जवाब देते हुए ईरान के सीस्तान और बलूचिस्तान प्रांत में कार्रवाई की। पाकिस्तान की ओर से भी ठीक ऐसा ही दावा किया गया था।
शहबाज शरीफ से की मुलाकात
जानकारी के मुताबिक, ईरानी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान दौरे के पहले दिन प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने राजनीतिक, आर्थिक, व्यापार व सांस्कृतिक स्तर पर द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा की। इसके अलावा दोनों देशों ने आतंकवाद को मिटाने के लिए संयुक्त प्रयास करने पर सहमति जताई। शरीफ ने आठ फरवरी को हुए आम चुनाव के बाद पाकिस्तान का दौरा करने वाले किसी भी देश के पहले राष्ट्राध्यक्ष रईसी का प्रधानमंत्री आवास में स्वागत किया, जहां रईसी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
ईरान और पाकिस्तान के बीच बढ़ेगा व्यापार
ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी और शरीफ की मौजूदगी में ईरानी व पाकिस्तानी अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने के लिए आठ सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए। राष्ट्रपति रईसी ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान और पाकिस्तान ने द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाकर 10 अरब अमेरिकी डॉलर तक ले जाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, हम उच्चतम स्तर पर संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ईरान और पाकिस्तान के बीच आर्थिक व व्यापारिक सहयोग की कोई सीमा नहीं है।
कश्मीर मुद्दे पर नहीं मिला ईरान का साथ
ईरानी राष्ट्रपति के साथ संयुक्त प्रेसवार्ता में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कश्मीर का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने इस्लामाबाद और नई दिल्ली के बीच कश्मीर विवाद पर पाकिस्तान का पक्ष लेने के लिए ईरानी राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, हम कश्मीर मुद्दे पर समर्थन के लिए ईरान के आभारी हैं। हालांकि, ईरानी राष्ट्रपति ने इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी करने से परहेज किया और इज़रायल-फिलिस्तीन संघर्ष के बारे में बात करने पर ध्यान केंद्रित किया।
