पाकिस्तान से झटका, अब इजरायल का सहारा; हूतियों से निपटने के लिए सऊदी अरब ने मांगी मदद

पाकिस्तान से अपेक्षित मदद नहीं मिलने पर सऊदी अरब को इजराइल से संपर्क करना पड़ रहा है, एक ऐसा देश जिसे वह एक स्वतंत्र राष्ट्र के तौर पर मान्यता भी नहीं देता।

हूतियों के खिलाफ कार्रवाई के बीच सऊदी अरब को कथित तौर पर पाकिस्तान से अपेक्षित मदद नहीं मिली। अब इजरायल से मदद मांगने की खबर ने मध्य पूर्व की सियासत गरमा दी है। यमन के रेड सी (Red Sea) तट पर हूतियों के तेज हमले के बाद सऊदी अरब के सामने विकल्पों की कमी हो गई है। खबर है कि सऊदी अरब के 'मक्का अलायंस' (Mecca Alliance) के साथी पाकिस्तान ने विदेशी धरती पर लड़ने से इनकार कर दिया है, जबकि अमेरिका और ब्रिटेन ने सीधे हमले करने से मना कर दिया है। अब रियाद को इजराइल से संपर्क करना पड़ रहा है, एक ऐसा देश जिसे वह एक स्वतंत्र राष्ट्र के तौर पर मान्यता भी नहीं देता।

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सऊदी अरब को इजराइल से संपर्क करना पड़ रहा है (फाइल फोटो)

तेल से समृद्ध खाड़ी देश सऊदी अरब एक बड़े संकट का सामना कर रहा है, क्योंकि पिछले हफ़्ते हूती उग्रवादियों ने यमन के रेड सी तट और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया है। सऊदी के सहयोगियों, खासकर 'मक्का पैक्ट' के साथी पाकिस्तान के यमन संकट में दखल देने से इनकार करने की खबरों के बीच, रियाद ने इजराइल का रुख किया है-एक ऐसा देश जिसे वह स्वतंत्र राष्ट्र नहीं मानता।

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