Vladimir Putin News: यूक्रेन के खिलाफ रूस की लड़ाई फिलहाल बेनतीजा है। अब सवाल उठ रहे हैं कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने लड़ाई क्यों छेड़ी। यूक्रेन (Russia Ukraine War) को भले ही नेटो देशों की मदद कर रहे हों यह बात सच है कि वो रूस को नुकसान पहुंचाने में कामयाब रहा है। इन सबके बीच वो अपनी जिंदगी को लेकर बेहद डरे हुए हैं। उन्हें किसी गंभीर शारीरिक रोग का खतरा महसूस हो रहा है, लिहाजा खुद को किसी तरह के खतरे से बचाने के लिए तरह तरह के इंतजाम किए हैं। मसलन एक ही जैसा ऑफिस बनवाने के साथ वो सेक्रेट ट्रेन नेटवर्क का इस्तेमाल कर रगे हैं। इसके साथ ही मोबाइल के इस्तेमाल से पूरी तरह परहेज कर रहे हैं। फेडरेशन प्रोटेक्टिव फोर्स में काम कर चुके ग्लेब काराकुलोव(Gleb Karakulo) ने साक्षात्कार में इन सभी जानकारियों को साझा किया।
व्लादिमीर पुतिन,रूस के राष्ट्रपति
यात्रा के लिए खास ट्रेन का इस्तेमाल
काराकुलोव के मुताबिक रूस के राष्ट्रपति को वॉर क्रिमिनल घोषित किया गया है, लिहाजा खतरा बढ़ गया है। पुतिन के दिल और दिमाग में खुद की हत्या होने का खौफ है। इसलिए वो ज्यादातर समय कजाकिस्तान के रूसी दूतावास में बने बंकर में व्यतीत करते हैं यहां पर उनके लिए सुरक्षित संचार तंत्र को विकसित किया गया है ताकि वो हमेशा बाखबर रहें। पुतिन को जान पर खतरा कम से कम हो इसके लिए कवायद की गई है। पुतिन एक खास तरह की ट्रेन का इस्तेमाल करते हैं ताकि किसी भी सूचना को दुश्मन ट्रैक ना कर सके।
हवाई यात्रा और मोबाइल को ना
काराकुलोव कहते हैं कि वो अब तक पुतिन के साथ 180 ट्रिप पर जा चुके हैं। वो सभी ट्रिप विशेष हथियारों से सुसज्जित ट्रेन से की गई है, वो प्लेन का इस्तेमाल करने से बचते रहे हैं क्योंकि प्लेन के लोकेशन के बारे में आसानी से जानकारी हासिल की जा सकती है। यही नहीं वो कभी मोबाइल फोन इस्तेमाल नहीं करते हैं। कम से कम उन्होंने तो कभी नहीं देखा। वो सभी तरह की जानकारी अपने खास लोगों से हासिल करते हैं। एक तरह से उनके राष्ट्रपति का संबंध पूरी दुनिया से कट चुका है।
