Russia Kyiv Attack: चार साल से अधिक समय से चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध में एक बार फिर भयानक मोड़ आ गया है। रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव (Kyiv) पर अब तक का सबसे बड़ा और विनाशकारी हवाई हमला किया है। बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात हुए इस मैसिव हमले में कम से कम 27 लोगों की जान चली गई है, जबकि 100 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, रूस ने एक ही रात में करीब 500 ड्रोन और 74 मिसाइलें दागकर कीव को दहला दिया।
रूस का कीव पर भीषण हमला: मिसाइल-ड्रोन से मची तबाही में 27 की मौत, 100 घायल, यूक्रेन ने ली बदले की कसम
इस भीषण तबाही के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelenskyy) ने घटनास्थल का दौरा किया और रूस को चेतावनी देते हुए कहा कि इस हमले का निश्चित रूप से करारा जवाब दिया जाएगा।
मलबे में अपनों को ढूंढ रहे लोग, 20 से ज्यादा जगह भारी तबाही
कीव के मेयर विटाली क्लिट्सको (Vitali Klitschko) ने इसे युद्ध की शुरुआत के बाद से राजधानी पर हुआ सबसे बड़ा हमला बताया है। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि रेस्क्यू टीमें मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने में जुटी हैं।
इस हमले में शहर के 20 से अधिक ठिकानों को सीधा निशाना बनाया गया, जिनमें अधिकांश आम रिहायशी इमारतें हैं। इसके अलावा एक एम्बुलेंस स्टेशन, एक रिसर्च इंस्टीट्यूट, एक होटल और कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
खुफिया इनपुट मिलते ही जेलेंस्की ने बीच में छोड़ा विदेशी दौरा
यह हमला उस वक्त हुआ जब राष्ट्रपति जेलेंस्की बुधवार को अचानक अपना डबलिन (आयरलैंड) का दौरा बीच में ही छोड़कर यूक्रेन लौट आए। खुफिया एजेंसियों ने जेलेंस्की को पहले ही चेतावनी दे दी थी कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक बहुत बड़े और लंबे समय से प्लान किए गए हमले की तैयारी में हैं।
यूक्रेनी वायुसेना ने बताया कि रूस ने अत्यधिक मारक क्षमता वाली बैलिस्टिक मिसाइलों और 'शाहेद' ड्रोन्स का इस्तेमाल किया, जिनमें से कई को एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया, लेकिन भारी संख्या होने के कारण तबाही को रोका नहीं जा सका। इसके चलते जेलेंस्की ने अमेरिका से 'पैट्रियट एयर-डिफेंस मिसाइल बनाने के लाइसेंस की मांग तेज कर दी है।
दोनों देशों ने दी युद्ध और तेज करने की धमकी
इस हमले के बाद रूस और यूक्रेन दोनों के तेवर बेहद आक्रामक हो गए हैं।
यूक्रेन का रुख: जेलेंस्की ने साफ किया है कि वे इस हमले को बर्दाश्त नहीं करेंगे और रूस के सैन्य ठिकानों तथा ऊर्जा केंद्रों पर जवाबी लॉन्ग-रेंज ड्रोन हमले तेज किए जाएंगे।
रूस (क्रैमलिन) का रुख: दूसरी तरफ, रूस ने बिना किसी समझौते के अपने रुख पर अड़े रहते हुए कीव पर दबाव और बढ़ाने का संकल्प लिया है। रूस का दावा है कि यह हमला यूक्रेन द्वारा हाल ही में रूसी सीमाई इलाकों में किए गए ड्रोन इनकर्शन्स (घुसपैठ) का बदला है।
यूरोपीय संघ (EU) के शीर्ष राजनयिक ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है और मॉस्को पर नए कड़े प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव पेश किया है। दोनों देशों के आक्रामक रुख को देखते हुए आने वाले दिनों में यह युद्ध और भी ज्यादा विनाशकारी रूप ले सकता है।
