Russia Moon Mission: रूस ने अपना मून मिशन शुक्रवार को लॉन्च कर दिया। रूस ने करीब 47 साल बाद अपना मून पर अपना यान भेजा है। रूसी समय के अनुसार लूना-25 मिशन को 10 अगस्त शाम 7:10 बजे लॉन्च किया गया। एपी के अनुसार लूना-25 को रूस के सुदूर पूर्व में वोस्तोचन कोस्मोड्रोम से लॉन्च किया गया।
रूस का मून मिशन, लूना 25 लॉन्च
1976 के बाद मून मिशन
रूस 1976 के बाद पहली बार चंद्रमा पर अपने लूना-25 यान को भेज रहा है। इस यान का प्रक्षेपण यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की मदद के बिना किया जाएगा। इससे पहले रूस को यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की सहायता मिलती रही थी। लेकिन यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने रूस के साथ अपना सहयोग समाप्त कर दिया है। रूस की अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस ने कहा कि वह यह दिखाना चाहती है कि रूस "चंद्रमा पर पेलोड पहुंचाने में सक्षम देश है" और वो "रूस की चंद्रमा की सतह तक पहुंच की गारंटी सुनिश्चित करना चाहता है।"
23 अगस्त को लैंडिंग
मिली जानकारी के अनुसार रूसी अंतरिक्ष यान के 23 अगस्त को चंद्रमा पर पहुंचने की संभावना है। यह वही तारीख है, जब भारत द्वारा 14 जुलाई को प्रक्षेपित किए गए चंद्रयान-3 के चंद्रमा की सतह पर कदम रखने की उम्मीद है। कहा जा रहा है कि रूस का यह यान, भारत के चंद्रयान से पहले चंद्रमा पर लैंड करेगा।
दक्षिणी ध्रुव पर करेगा लैंड
दोनों ही देशों ने अपने-अपने यान को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतारने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जहां अभी तक कोई भी यान सॉफ्ट लैंडिंग करने में सफल नहीं हो सका है। अभी तक सिर्फ तीन देश-अमेरिका, तत्कालीन सोवियत संघ और चीन चंद्रमा की सतह पर सफल लैंडिंग कर पाए हैं।
