Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच बीते तीन साल से जारी युद्ध जल्द ही समाप्त हो सकता है। अमेरिका लगातार रूस और यूक्रेन को मनाने की कोशिशें कर रहा है। इस बीच, अमेरिका ने मंगलवार को बताया कि रूस और यूक्रेन ने अलग-अलग सहमति जताई कि वे काला सागर में जहाजों पर हमले नहीं करेंगे और न ही एक-दूसरे की ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाएंगे।
रूस-यूक्रेन सीजफायर
इस समझौते से पहले सऊदी अरब में अमेरिका और यूक्रेन के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है। साथ ही ट्रंप ने पुतिन के साथ वर्चुअल बातचीत भी की। तब जाकर समझौते को अंतिम रूप दिया जा सका।
रूस ने US के सामने रखी शर्त
अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रायटर की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने कहा कि वह यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की पर भरोसा नहीं कर सकता है। ऐसे में वह काला सागर समझौते पर तभी हस्ताक्षण करेंगे जब वाशिंगटन उसे (यूक्रेन) को इस समझौते का सम्मान करने का आदेश जारी करे। विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि हमें स्पष्ट गारंटी की आवश्यकता होगी। इस दौरान उन्होंने कीव के साथ समझौतों के दुखद अनुभवों का भी उल्लेख किया।
यूक्रेन ने क्या कुछ कहा
इस समझौते को लेकर यूक्रेन का भी बयान सामने आया। बकौल रिपोर्ट, यूक्रेन के रक्षा मंत्री रुस्तम उमरोव ने कहा कि कीव ने काला सागर में जहाजों और एक-दूसरे के ऊर्जा ठिकानों पर हमलों में विराम लगाने पर सहमति व्यक्ति की है, लेकिन उन्होंने कहा कि कीव काला सागर के पूर्वी हिस्से के बाहर रूसी सैन्य जहाजों की किसी भी गतिविधि को उल्लंघन और खतरे के तौर पर देखेगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में यूक्रेन को आत्मरक्षा करने का पूरा अधिकार होगा।
गौरतलब है कि ट्रंप दोनों पक्षों पर युद्ध को जल्द से जल्द समाप्त करने के लिए दबाव बना रहे हैं। साथ ही वह मास्को के साथ तेजी से रिश्ते सुधारने की कोशिशों में जुटे हुए हैं।
