'विदेशी फंडिंग को विनियमित करना संप्रभु कदम, अमेरिका समेत कई देशों में हैं ऐसे कानून', विनय मोहन क्वॉत्रा ने किया का FCRA बचाव

अमेरिकी सांसदों की उन आशंकाओं को विनय मोहन क्वॉत्रा ने खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि यह कानून सरकार को चर्चों और चैरिटी पर नियंत्रण पाने की अनुमति देगा।

Vinay Mohan Kwatra on FCRA: अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वॉत्रा (Vinay Mohan Kwatra) ने विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) में किए गए संशोधनों का मजबूती से बचाव किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और विदेशी फंड प्राप्त करने की प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित करना है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई पोस्ट साझा करते हुए राजदूत क्वॉत्रा ने कहा कि सार्वजनिक और राजनीतिक क्षेत्रों में विदेशी वित्तीय प्रवाह को विनियमित करना राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक संप्रभु कदम है। उन्होंने बताया कि अमेरिका सहित दुनिया के कई प्रमुख लोकतांत्रिक देशों में ऐसे ही कानून लागू हैं।

Vinay mohan kwatra

FCRA बिल पर विनय मोहन क्वात्रा ने शंकाओं को किया दूर

अमेरिका समेत दुनिया भर के कानूनों का हवाला

अमेरिकी सांसदों द्वारा FCRA संशोधनों को लेकर जताई गई चिंताओं का जवाब देते हुए भारतीय राजदूत ने वैश्विक उदाहरण पेश किए। अमेरिका में 1938 से FARA (फॉरेन एजेंट्स रजिस्ट्रेशन एक्ट) और 2010 से FATCA (फॉरेन अकाउंट टैक्स कंप्लायंस एक्ट) लागू है। ऑस्ट्रेलिया ने 2018 में, कनाडा ने 2024 में और ब्रिटेन में यह व्यवस्था जुलाई 2025 में लागू हुई। इसके अलावा, यूरोपीय संघ (EU) भी वर्तमान में इस संबंध में कानून बना रहा है।

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