Ramzan Kadyrov: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बेहद करीबी सहयोगी रमजान कादिरोव को लगभग 100% मतों के साथ चेचन्या के नेता के रूप में पांचवें कार्यकाल के लिए फिर से चुन लिया गया है। मानवाधिकार उल्लंघनों और अपने कठोर शासन के लिए जाने जाने वाले कादिरोव को अंतर्राष्ट्रीय मीडिया में 'चेचेन्या के कसाई' के नाम से भी जाना जाता है।
चेचन्या कहां है, रूस के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण? पुतिन का करीबी कसाई 'रमजान कादिरोव' यहां लगभग 100% वोटों से जीता
कादिरोव को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से चेचन्या में व्यापक छूट प्राप्त है, जिसके दम पर वे इस क्षेत्र को अपनी निजी जागीर की तरह चलाते हैं। इसके बदले में कादिरोव इस अशांत क्षेत्र में राजनीतिक स्थिरता और रूस का पूर्ण नियंत्रण सुनिश्चित करते हैं।
रूस के लिए बेहद संवेदनशील और रणनीतिक है चेचन्या
रूस के लिए चेचन्या ऐतिहासिक रूप से एक बेहद संवेदनशील इलाका रहा है:
विद्रोह का इतिहास: 1990 के दशक में सोवियत संघ के विघटन के दौरान यहाँ भीषण रूस-विरोधी इस्लामी विद्रोह भड़क उठा था।
पहला चेचन युद्ध: तत्कालीन रूसी राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन ने अलगाववादी आंदोलन को कुचलने के लिए दिसंबर 1994 में सेना भेजी थी। भारी तबाही के बाद 1996 में 'खसावयुर्ति समझौते' के तहत रूसी सेना को पीछे हटना पड़ा था।
वर्तमान स्थिति: आज चेचन्या रूस के भीतर एक स्वायत्त गणराज्य (Autonomous Republic) है, जहां रमजान कादिरोव का एकछत्र शासन चलता है।
बता दें कि चेचन्या दक्षिण-पश्चिम रूस के उत्तरी काकेशस पर्वत श्रृंखला (North Caucasus) में स्थित एक स्वायत्त गणराज्य है। इसकी सीमाएं जॉर्जिया देश और रूस के दागिस्तान व इंगुशेतिया क्षेत्रों से लगती हैं। इसकी राजधानी ग्रोजनी है।
99.85% वोट हासिल कर बनाया नया रिकॉर्ड
रूस के केंद्रीय चुनाव आयोग के अनुसार, कादिरोव ने चेचन्या में 99.85% वोट हासिल किए हैं, जो 2021 के चुनाव में मिले 99.73% वोटों से भी अधिक है।
हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षकों और मानवाधिकार संगठनों ने इस छोटे पहाड़ी क्षेत्र में चुनाव कराने के तरीके पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कादिरोव ऐसे सभी आरोपों को अपने शासन को कमजोर करने के पश्चिमी समर्थित षड्यंत्र बताकर खारिज करते आए हैं।
पुतिन के प्रति अटूट निष्ठा और यूक्रेन युद्ध में भूमिका
कादिरोव शुरू से ही राष्ट्रपति पुतिन के प्रति अपनी व्यक्तिगत निष्ठा जताते रहे हैं। वे यूक्रेन पर रूस के सैन्य रुख के सबसे कट्टर समर्थकों में से एक हैं और मौजूदा समय में यूक्रेन के कई मोर्चों पर कादिरोव की चेचन सेनाएं (Kadyrovites) रूस की ओर से सीधे युद्ध लड़ रही हैं।
