Rajnath Singh: शंघाई सहयोग संगठन-एससीओ के रक्षा मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) सोमवार को किर्गिस्तान के बिश्केक पहुंचे। राजनाथ सिंह का यह दौरा ईरान, अमेरिका-इजराइल युद्ध के बाद पश्चिम एशिया में उभरी अस्थिरता के बीच हो रहा है। कूटनीति के लिहाज से रक्षा मंत्री का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। रक्षा मंत्रालय का कहना है कि रक्षा मंत्रियों की इस बैठक में युद्ध के प्रभाव को कम करने वाले उपायों पर चर्चा हो सकती है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह। -फाइल पिक्चर
वैश्विक शांति पर जोर देंगे रक्षा मंत्री
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में राजनाथ सिंह ने कहा कि बैठक के दौरान वे विश्व में व्याप्त सुरक्षा चुनौतियों के बीच वैश्विक शांति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करेंगे। रक्षा मंत्री ने आतंकवाद और उग्रवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता के अपने दृढ़ रुख पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि वे अन्य एससीओ सदस्य देशों के समकक्षों और बिश्केक में भारतीय समुदाय के साथ द्विपक्षीय वार्ता के लिए उत्सुक हैं। सिंह एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए सोमवार को बिश्केक पहुंचे। रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि यह यात्रा एससीओ सदस्य देशों के बीच क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और रक्षा सहयोग को मजबूत करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
एससीओ में ये देश हैं शामिल
शंघाई सहयोग संगठन के सदस्यों में भारत, रूस, चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान और बेलारूस शामिल हैं। ईरान-अमेरिका के बीच जारी तनाव के कारण मौजूदा समय में पश्चिम एशिया में संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच गतिरोध जारी है। सीजफायर पर दोनों देशों के दौर की वार्ता रद्द हो गई है। होर्मुज खोलने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार धमकियां दे रहे हैं।
एक क्षेत्रीय अंतर-सरकारी संगठन है SCO
रक्षा मंत्री एससीओ देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें, राष्ट्रीय सुरक्षा एवं आतंकवाद पर चर्चा कर सकते हैं। इन बैठकों में रक्षा सहयोग मजबूत करने, सामरिक साझेदारी बढ़ाने और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है। SCO एक क्षेत्रीय अंतर-सरकारी संगठन है। इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सुरक्षा सहयोग, आतंकवाद विरोध, आर्थिक साझेदारी और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देना है। इसके प्रमुख सदस्य हैं। इसकी स्थापना 2001 में हुई। SCO का मुख्यालय Beijing में स्थित है। यह संगठन वैश्विक शांति और सहयोग को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
