US Midterm Elections: डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रोग्रेसिव विंग के प्रमुख चेहरे अब्दुल अल-सैयद (Abdul El-Sayed) ने मिशिगन में अमेरिकी सीनेट की सीट जीतकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार और पूर्व कांग्रेसी नेता माइक रोजर्स को बेहद कड़े और चर्चित मुकाबले में मात दी। इस जीत के साथ अल-सैयद अमेरिकी इतिहास में सीनेट के सदस्य बनने वाले पहले मुस्लिम बन जाएंगे।
अल सैयद की मिशिगन से जीत
मिस्र से आए प्रवासियों के बेटे अल-सैयद पूर्व में सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारी रह चुके हैं। आठ साल पहले मिशिगन के गवर्नर पद के डेमोक्रेटिक प्राइमरी चुनाव में मिली करारी हार के बाद, उन्होंने बिना किसी पिछले राजनीतिक पद के सीधे अमेरिकी सीनेट तक का सफर तय किया है। अल-सैयद की यह जीत डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रोग्रेसिव विंग (वामपंथी धड़े) के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
भारी फंडिंग और लॉबिंग का सामना
अल-सैयद को अपनी ही पार्टी के प्राइमरी और मुख्य चुनाव में भारी-भरकम बाहरी फंडिंग का सामना करना पड़ा। इजराइल समर्थक समूह AIPAC ने उन्हें हराने के लिए करीब 30 मिलियन डॉलर (3 करोड़ डॉलर) खर्च किए, जो किसी एक रेस में उनका सबसे बड़ा निवेश था। प्राइमरी में उनकी प्रतिद्वंद्वी रहीं हेली स्टीवंस ने चुनाव से ठीक पहले रिपब्लिकन प्रत्याशी माइक रोजर्स का समर्थन कर दिया था। इसके बावजूद अल-सैयद ने डेट्रॉइट के अश्वेत और मुस्लिम मतदाताओं को एकजुट कर जीत हासिल की। उनके प्रचार में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा, कमला हैरिस, बार्नी सैंडर्स और अलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेस (AOC) जैसे दिग्गजों ने रैलियां की थीं।
मुख्य एजेंडा और नीतियां- अब्दुल अल-सैयद का पूरा चुनाव प्रचार वामपंथी/प्रोग्रेसिव नीतियों पर केंद्रित था।
- मेडिकेयर फॉर ऑल: सभी अमेरिकियों के लिए सरकार द्वारा संचालित एकल-भुगतान स्वास्थ्य सेवा प्रणाली।
- चुनावों से कॉरपोरेट फंड हटाना: चुनाव प्रचार में बाहरी और बड़े पैसे के प्रभाव को खत्म करना।
- इजराइल नीति पर कड़ा रुख: वह अमेरिका की मौजूदा इजराइल नीति और विदेश नीतियों के मुखर आलोचक रहे हैं।
2028 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए मायने
डेमोक्रेटिक सीनेटर गैरी पीटर्स के सेवानिवृत्त होने के बाद यह सीट खाली हुई थी। स्विंग स्टेट मिशिगन में अल-सैयद की यह जीत प्रोग्रेसिव आंदोलन के लिए 2028 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले एक बड़ा राजनीतिक तर्क बन गई है कि वामपंथी एजेंडे के साथ अमेरिका के सबसे प्रतिस्पर्धी बैटलग्राउंड राज्यों में भी चुनाव जीता जा सकता है।
