Protests in PoK : पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में बवाल मचा हुआ है। महंगाई, टैक्स, बिजली की दरों में बेतहाशा वृद्धि के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं और हिंसक प्रदर्शन कर रहे हैं। चार दिन बाद भी हालात काबू में नहीं आए हैं। आक्रोशित लोगों को नियंत्रण में करने की पाकिस्तान पुलिस के बल प्रयोग का जवाब भी लोग हिंसा से दे रहे हैं। नाराज लोगों के गुस्से का शिकार सैकड़ों पुलिसकर्मी हुए हैं। इसमें एक पुलिस अधिकारी की जान भी चली गई है जबकि 100 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं। हालात बेकाबू होने के बाद समूचे पीओके में इंटरनेट एवं मोबाइल सेवा बंद कर दी गई है। पीओके में गतिविधियां थम सी गई हैं।
पीओके में सरकारी नीतियों के खिलाफ लोगों में काफी गुस्सा है।
जरदारी ने बुलाई आपात बैठक
पीओके में लोगों का प्रदर्शन न थमता देख पीओके सरकार ने पाक रेंजर्स की तैनाती की मांग की। मीडिया में सूत्रों के हवाले से कहा गया कि इस मांग को सेना की तरफ से खारिज कर दिया गया। सेना ने कहा है कि विरोध प्रदर्शनों में वह दखल नहीं देगी। हिंसक प्रदर्शनों के सिलसिले में पुलिस ने शुक्रवार को 70 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया। इस बीच पीओके के हालात पर राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने आपात बैठक बुलाई और कोई रास्ता निकालने की बात कही।
पाकिस्तान की स्थिरता को भी मिल रही चुनौती
विगत दशकों में पीओके में यह सबसे बड़ा उग्र एवं हिंसक प्रदर्शन है। प्रदर्शनों की वजह से बाजार, स्कूल और परिवाहन सेवाएं बंद हैं। इस उग्र प्रदर्शन की आंच पाकिस्तान में भी महसूस की जाने लगी है। इससे पाकिस्तान सरकार की स्थिरता को भी चुनौती मिल रही है।सुरक्षाबलों ने लोगों पर बुलेट्स दागे
रिपोर्टों में कहा गया है कि शांतपूर्ण प्रदर्शनाकिरयों को दबाने के लिए पाकिस्तान की तरफ से अत्यधिक मात्रा में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। अपने अधिकार की मांग करने वाले नागरिकों के खिलाफ कथित रूप से आंसू गैस के गोले और बुलेट्स दागे गए हैं।महंगाई, टैक्स, बिजली की कीमतों से लोग नाराज
लोगों को सबसे ज्यादा गुस्सा बिजली दरों को लेकर है। पीओके के लोगों का कहना है कि पाकिस्तान के लिए सबसे ज्यादा बिजली का उत्पादन उनके यहां होता है लेकिन यही बिजली चार से पांच गुना दामों पर उन्हें बेची जाती है। आटी की कीमत भी आसमान छू रही है। कारोबारियों की मांग है कि उन्हें बिजली उसी कीमत में मिले जो कीमत उसे पैदा करने में आती है। इसके अलावा मनमाने टैक्स से लोग आजिज आ चुके हैं। लोगों का कहना है कि पाकिस्तान सरकार उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी संरचना में पीओके अत्यंत पिछड़ा हुआ है लेकिन उनके संसाधनों का अंधाधुंध दोहन किया जा रहा है और उनसे मनमाना टैक्स वसूला जा रहा है।
AAC ने हिंसक प्रदर्शनों से खुद को अलग किया
वहीं, आंदोलन शुरू करने वाले संगठन जम्मू कश्मीर अवामी एक्शन कमेटी ने हिंसक घटनाओं से खुद को अलग कर लिया है। सोशल मीडिया पर पीओके के कई वीडियो वायरल हुए हैं जिनमें गुस्साई भीड़ पुलिसकर्मियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीट रही है।
पुलिस अधिकारी की हुई मौत
मीरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कामरान अली ने डॉन डॉट कॉम को बताया कि पुलिस उप निरीक्षक अदनान कुरैशी की इस्लामगढ़ शहर में सीने में गोली लगने से मौत हो गई। कुरैशी वहां अन्य पुलिसकर्मियों के साथ कोटली और पुंछ जिला होते हुए मुजफ्फराबाद जा रही एक रैली को रोकने के लिए तैनात थे। कोटली के एसएसपी मीर मुहम्मद आबिद ने कहा कि जिले में "विरोध की आड़ में उपद्रवियों के हमलों" में कम से कम 78 पुलिसकर्मी घायल हो गए।
आटे की कीमतों में राहत देने के लिए सरकार तैयार
शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के वित्त मंत्री अब्दुल माजिद खान ने कहा कि सरकार ने 'बहुत संयम बरता है और सभी विवादास्पद मुद्दों को शांतिपूर्वक हल करने के लिए बातचीत करने को तैयार है।' अधिकारियों ने विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर सभी जिलों में सार्वजनिक समारोहों, रैलियों और जुलूसों पर प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही पूरे क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई है।पीओके के कथित प्रधानमंत्री चौधरी अनवारुल हक ने कहा कि सरकार मीरपुर में हिंसक विरोध प्रदर्शन के दौरन एक अधिकारी की मौत एवं 70 से अधिक अन्य लोगों के घायल होने के बाद बिजली और गेहूं के आटे की कीमतों में राहत देने के लिए तैयार है।
