पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) के रावलाकोट में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध फायरिंग करने का आरोप लगाया है। यह आरोप ऐसे समय सामने आया है जब जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) और प्रशासन के बीच बातचीत विफल होने के बाद हजारों लोग मुजफ्फराबाद की ओर मार्च के लिए निकले।
PoJK में तनाव चरम पर: रावलाकोट में प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध फायरिंग का लगाया आरोप। ANI
फायरिंग में बड़ी तादाद में लोग घायल
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, फायरिंग में कई लोग मारे गए और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो संदेश में स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता अकील भाई ने दावा किया कि रावलाकोट में हालात बेहद गंभीर हैं और "हर तरफ शव और घायल लोग दिखाई दे रहे हैं।" हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि क्षेत्र में एंबुलेंस और राहत संसाधनों की कमी है तथा घायल लोगों को निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मीडिया और मानवाधिकार संगठनों से हस्तक्षेप की अपील भी की है।
PoJK में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया भी प्रभावित
जेएएसी ने इससे पहले प्रशासन को अपनी मांगें मानने के लिए समयसीमा दी थी। मांगें पूरी नहीं होने पर रावलाकोट से मुजफ्फराबाद तक मार्च शुरू किया गया। आंदोलनकारी गिरफ्तार लोगों की रिहाई, प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने और अन्य मांगों को लागू करने की मांग कर रहे हैं। इसी दौरान PoJK में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है। कुछ क्षेत्रों में चुनाव प्रचार बाधित होने और हिंसा के आरोप सामने आए हैं, जबकि रावलाकोट और सुधनोती जिलों में चुनाव स्थगित किए जाने की भी खबर है।
रावलकोट की स्थिति का वर्णन करते हुए स्थानीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अकील भाई ने दावा किया कि हिंसा के बाद हालात बेहद भयावह हो गए हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, वैश्विक मीडिया और मानवाधिकार संगठनों से तत्काल हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा कि घायलों और मृतकों की संख्या इतनी अधिक है कि प्रदर्शनकारी और राहत दल हालात संभालने में असमर्थ हो गए हैं।
एक वीडियो संदेश में अकील भाई ने कहा, "रावलकोट लाशों और घायलों से भरा पड़ा है। मैं बाल-बाल बचा हूं, लेकिन अपनी आंखों के सामने कई लोगों को मरते देखा है। हमारे कंधे शव उठाते-उठाते थक चुके हैं। हम शांतिपूर्ण लोग हैं, लेकिन यहां हर तरफ घायल और शव नजर आ रहे हैं।"
उन्होंने दावा किया कि हिंसा के दौरान उन्होंने एक ऐसा दृश्य देखा जिसे वह कभी नहीं भूल पाएंगे। उनके अनुसार, एक व्यक्ति ने अपना खून से सना रूमाल निचोड़कर दिखाया और कहा कि यह कश्मीरियों का खून है। अकील भाई ने कहा कि "मैंने अपनी आंखों के सामने लोगों को मरते और घायल होते देखा है। हालात बेहद भयावह हो चुके हैं।"
'सड़कें खून से लथपथ हैं'
अकील भाई ने आरोप लगाया कि स्थानीय संसाधन पूरी तरह जवाब दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस और वाहनों की भारी कमी है, जिसके कारण लोग अपने घायल परिजनों को निजी वाहनों और कंधों पर अस्पताल पहुंचाने को मजबूर हैं। उनका दावा था कि "सड़कें खून से लथपथ हैं और हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल है।"
प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग का आरोप
अकील भाई ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि "हमारे ही टैक्स के पैसों से खरीदी गई गोलियों से हमें निशाना बनाया जा रहा है। यह सिर्फ आज की घटना नहीं है, बल्कि लंबे समय से हमारे साथ ऐसा हो रहा है।" एक अन्य प्रदर्शनकारी ने दावा किया कि इस घटना में कम से कम 15 से 20 लोगों को गोली लगी और कई अन्य घायल हुए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
मानवाधिकार संगठनों से हस्तक्षेप की मांग
एक अन्य वीडियो संदेश में अकील भाई ने दोबारा अंतरराष्ट्रीय मीडिया और मानवाधिकार संगठनों से हस्तक्षेप की अपील की। उन्होंने दावा किया कि कई प्रदर्शनकारी मारे गए या घायल हुए हैं और वैश्विक समुदाय को इस घटनाक्रम पर तत्काल ध्यान देना चाहिए।
