Protest In PoJK: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में शहबाज सरकार के खिलाफ प्रदर्शन जोरोंशोरों से चल रही है। रावलकोट में हजारों लोग पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। पाकिस्तान सरकार और वहां की सेना के उत्पीड़न से परेशान पीओजेके के लोग 22 दिनों से रावलकोट सहित प्रांत के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन कर रहे हैं।
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीरियों ने भारत मे ंजुड़ने से की मांग। AI IMAGE
इसी बीच रावलकोट के ईदगाह ग्राउंड में हुए प्रदर्शन के दौरान, वक्ताओं ने कहा कि इस इलाके को अब पाकिस्तान के कंट्रोल में नहीं माना जाना चाहिए। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान सरकार को चेतावनी दी कि वो भारत के साथ जुड़ जाएंगे।
PoJK में खाने-पीने की चीजें की किल्लत
सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रही है, जिसमें देखा जा सकता है कि विरोध-प्रदर्शन की अगुवाई स्थानीय नेता पाकिस्तान सरकार और वहां की सेना को चुनौती दे रहे हैं। इस प्रदर्शन में जिनमें नागरिक अधिकार कार्यकर्ता सरदार अमन खान भी शामिल हैं।
बता दें कि प्रदर्शन के बीच पाकिस्तान सरकार ने पीओजेके में खाने-पीने की चीजें और दूसरी जरूरी चीजों की सप्लाई को रोक दिया है। सरदार अमन खान ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान को इस इलाके की ज्यादा जरूरत है, न कि इलाके के लोगों को पाकिस्तान की।
'हम आसिम मुनीर को अपना सेना प्रमुख नहीं मानते'
वीडियो में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के लोगों ने एलान किया है कि यहां के लोगों ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर को अपना सेना प्रमुख मानने से इनकार कर दिया है और कहा है कि वे किसी तानाशाह को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
9 जून से नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास एक अलग धरना प्रदर्शन चल रहा है। एक प्रदर्शन के दौरान, खान ने समर्थकों से कहा कि यदि भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुओं पर प्रतिबंध जारी रहे, तो क्षेत्र के लोग सहायता के लिए भारत की ओर रुख कर सकते हैं। विरोध प्रदर्शन के नेताओं का कहना है कि उनका अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक मुजफ्फरबाद और व्यापक क्षेत्र के संबंध में उनके राजनीतिक उद्देश्य प्राप्त नहीं हो जाते।
