प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए किर्गिज गणराज्य की राजधानी बिश्केक पहुंचेंगे। विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस महत्वपूर्ण सम्मेलन के इतर पीएम मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच एक उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक आयोजित की जाएगी। इस मुलाकात में दोनों देशों के शीर्ष नेता प्रमुख रणनीतिक, आर्थिक और वैश्विक मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श करेंगे।
ग्लोबल मंच पर फिर दिखेगी मोदी-पुतिन की दोस्ती (फाइल फोटो)
प्रधानमंत्री मोदी उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान के चार दिवसीय दौरे पर रवाना हो रहे हैं। अपने यात्रा कार्यक्रम के पहले चरण में वे ताशकंद जाएंगे, जहां दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके बाद वे बिश्केक में आयोजित होने वाले एससीओ (SCO) शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।
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पुतिन जता चुके हैं पीएम मोदी से मिलने की इच्छा
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब भारत और रूस विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपने रणनीतिक और व्यापारिक तालमेल को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं। हाल ही में रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने दोनों देशों के ऐतिहासिक और मजबूत संबंधों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री मोदी से जल्द मिलने की इच्छा जताई थी। इससे पूर्व, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मास्को में राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात कर पीएम मोदी की ओर से शुभकामनाएं प्रेषित की थीं।
विदेश मंत्रालय ने क्या बताया?
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि शंघाई सहयोग संगठन की स्थापना का मुख्य उद्देश्य आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ जैसी चुनौतियों से मिलकर निपटना है। बिश्केक में होने वाला यह सम्मेलन मध्य एशिया और पड़ोसी क्षेत्रों में सुरक्षा की उभरती स्थिति पर ध्यान केंद्रित करेगा। इस दौरे से भारत की 'एक्सटेंडेड नेबरहुड' नीति और रूस के साथ उसके रणनीतिक संबंधों को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
