India Japan Ties: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारत-जापान आर्थिक मंच को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की विकास यात्रा में जापान हमेशा एक अहम पार्टनर रहा है। मेट्रो से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक, सेमीकंडक्टर से लेकर स्टार्टअप तक हर क्षेत्र में हमारी साझेदारी आपसी विश्वास का प्रतीक बनी हुई है। जापानी कंपनियों ने भारत में 40 बिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है। पिछले दो सालों से 30 बिलियन डॉलर का प्राइवेट निवेश हुआ है।
पीएम मोदी ने भारत-जापान आर्थिक मंच को किया संबोधित (फोटो साभार: @BJP4India)
'तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा भारत'
उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत के अभूतपूर्व परिवर्तन से आप सभी भलीभांति परिचित हैं। आज भारत में राजनीतिक स्थिरता है, आर्थिक स्थिरता है, पॉलिसी में पारदर्शिता है, पूर्वानुमान है। उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व की सबसे तेज ग्रो करने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था है और बहुत जल्द विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि 2017 में हमने वन नेशन वन टैक्स लागू किया था। अब, और भी बड़े सुधार लाने के प्रयास चल रहे हैं। कुछ ही हफ़्ते पहले, हमारी संसद ने एक सरलीकृत आयकर प्रणाली को मंज़ूरी दी है। हालांकि, हमारे सुधार केवल कराधान से कहीं आगे तक जाते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे रिफॉर्म केवल टैक्स प्रणाली तक सीमित नहीं हैं। हमने इज ऑफ डूइंग बिजनेस पर बल दिया है। बिजनेस के लिए सिंगल डिजिटल विंडो अप्रूवल की व्यवस्था की है।
PM मोदी ने क्या कुछ कहा
पीएम मोदी ने कहा कि रक्षा और अंतरिक्ष जैसे संवेदनशील क्षेत्र पहले ही निजी क्षेत्र के लिए खोल दिए गए हैं। अब हम परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को भी खोल रहे हैं। इन सुधारों के पीछे विकसित भारत बनाने का हमारा संकल्प निहित है। हमारी प्रतिबद्धता दृढ़ विश्वास और स्पष्ट रणनीति पर आधारित है। दुनिया ने इसे पहचाना है। आज दुनिया सिर्फ़ भारत पर नजर नहीं रख रही है, बल्कि भारत पर भरोसा कर रही है।
उन्होंने कहा कि इन रिफॉर्म्स के पीछे हमारा विकसित भारत बनाने का संकल्प है। विश्व ने इसे पहचाना ही नहीं, बल्कि इसकी सराहना भी की है। एस एंड पी ग्लोबल ने दो दशक बाद, भारत की क्रेडिट रेटिंग अपग्रेड की है।
पीएम मोदी ने कहा कि ऑटो सेक्टर में हमारी भागीदारी बेहद सफल रही है। हम साथ मिलकर, वही मैजिक, बैटरीज़, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, शिप-बिल्डिंग और न्यूक्लियर एनर्जी में भी दोहरा सकते हैं। साथ मिलकर, हम ग्लोबल साउथ, विशेषकर अफ्रीका के विकास में अहम योगदान दे सकते हैं। मैं आप सबसे आग्रह करता हूं- Come, Make in India, Make for The World.
