'चंद्रयान-3 से लेकर सूरज तक पहुंचा भारत', पेरिस सम्मेलन में PM मोदी बोले- दुनिया के भले के लिए काम कर रहा ISRO

PM Modi Space Speech: पेरिस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के अंतरिक्ष दृष्टिकोण को दुनिया के सामने रखा। उन्होंने कहा कि 'वसुधैव कुटुंबकम' का सिद्धांत अब केवल धरती तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे अंतरिक्ष तक ले जाने की जरूरत है।

PM Modi Space Speech: पेरिस में आयोजित पहले अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष शिखर सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया को एक नया और सकारात्मक संदेश दिया। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के निमंत्रण पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अंतरिक्ष ने सदियों से इंसानी सोच और कल्पनाओं को पंख दिए हैं। आज यही अंतरिक्ष तकनीक के जरिए इंसानी जिंदगियों को बचाने और संवारने का काम कर रहा है। ऐसे में अंतरिक्ष की अपार संभावनाओं को संभालने के लिए हम सभी की जिम्मेदारी भी साझी है।

PM Modi Space Speech

पेरिस सम्मेलन में पीएम मोदी ने दुनिया को दिखाया नया रास्ता

भारत की सोच को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति हमेशा 'वसुधैव कुटुंबकम' यानी एक पृथ्वी, एक परिवार और एक भविष्य के सिद्धांत पर चली है। अब समय आ गया है कि इस भावना को धरती की सीमाओं से बाहर निकालकर अंतरिक्ष तक फैलाया जाए। भारत एक ऐसा अंतरिक्ष क्षेत्र चाहता है जो सुरक्षित, टिकाऊ और अंतरराष्ट्रीय नियमों के दायरे में रहकर काम करे। वैज्ञानिकों का डेटा किसी एक देश की संपत्ति न होकर पूरी दुनिया की भलाई के लिए पारदर्शी तरीके से इस्तेमाल होना चाहिए।

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