Palestine Crisis: फिलिस्तीन के लोगों को अब थोड़ी बहुत राहत मिलने लगी है। खासकर वहां फंसे विदेशियों, दोहरी नागरिकता वालों को और घायलों को। इजराइल-हमास लड़ाई के शुरू होने के बाद यह पहली बार है, जब राफा क्रॉसिंग के जरिए लोगों को निकलने दिया गया है।
राफा क्रॉसिंग पर इंतजार करते फिलिस्तीनी
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400 से ज्यादा निकले
दर्जनों विदेशी पासपोर्ट धारक बुधवार को राफा क्रॉसिंग के जरिये गाजा से मिस्र में प्रवेश करते नजर आए। तीन सप्ताह से अधिक समय पहले इजराइल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद से विदेशी पासपोर्ट धारकों को इस क्षेत्र से बाहर जाने की अनुमति पहली बार दी गई है। फलस्तीनी सीमा अधिकारियों ने कहा कि 400 से ज्यादा विदेशी पासपोर्ट धारकों को बुधवार को गाजा छोड़ने की इजाजत दी जाएगी।
नहीं हो पा रहा था समझौता
हाल के सप्ताहों में अलग-अलग समय पर सैकड़ों लोग इस क्रॉसिंग पर एकत्र हुए हैं, लेकिन मिस्र, इजराइल और हमास के बीच असहमति के कारण उन्हें निकलने की अनुमति नहीं दी गई है। हमास द्वारा रिहा किए गए चार बंधकों को छोड़कर किसी को भी गाजा छोड़ने की अनुमति नहीं दी गई है। इस सप्ताह की शुरुआत में इजराइली बलों ने एक और बंदी को बचाया था।
घायल पहुंते मिस्त्र
मिस्र के सरकारी मीडिया ने बताया कि 80 से अधिक घायल फलस्तीनियों को चिकित्सा उपचार के लिए बुधवार को गाजा से मिस्र लाया जाएगा। एम्बुलेंस को मिस्र की ओर से राफा क्रॉसिंग में प्रवेश करते देखा गया, और पास के शहर शेख जुवेद में एक फील्ड अस्पताल स्थापित किया गया है। मिस्र ने कहा है कि वह फलस्तीनी शरणार्थियों की आमद को स्वीकार नहीं करेगा क्योंकि डर है कि इजराइल उन्हें युद्ध के बाद गाजा लौटने की अनुमति नहीं देगा।
हजारों की मौत
गाजा में हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजराइल-हमास युद्ध में मरने वाले फलस्तीनियों की संख्या 8,525 तक पहुंच गई है। कब्जे वाले वेस्ट बैंक में हिंसा और इजराइल की छापेमारी में 122 से अधिक फलस्तीनी मारे गए हैं।
