Pakistan News: पाकिस्तान की राजनीति में भुट्टो परिवार का सियासी कुनबा बढ़ने जा रहा है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और दिवंगत प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की सबसे छोटी बेटी आसिफा भुट्टो राजनीति में एंट्री कर रही हैं। उन्होंने सिंध प्रांत में नेशनल असेंबली की एक सीट पर उपचुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया है।
आसीफा भुट्टो
शहीद बेनजीराबाद जिले की एनए-207 सीट आसिफा भुट्टो के पिता आसिफ अली जरदारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। 31 वर्षीय आसिफा कुछ समय से पाकिस्तान की राजनीति में सक्रिय हैं, लेकिन पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) के सह-अध्यक्ष और उनके पिता जरदारी ने आसिफा भुट्टो को उचित समय तक संसदीय राजनीति से दूर रखा था।
पिता के शपथ ग्रहण में भी आईं थीं नजर
आसिफ अली जरदारी ने 10 मार्च को पाकिस्तान के 14वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। इस शपथ समारोह में आसिफा भुट्टो भी मौजूद थीं। अब आसिफा पाकिस्तान की पहली महिला बनेंगी। आमतौर पर प्रथम महिला का पद राष्ट्रपति की पत्नी के पास होता है। आसिफा के पिता जरदारी ने उन्हें देश की पहली महिला के तौर पर नामित किया है। आसिफा ने सिंध प्रांत में शहीद बेनजीराबाद जिले के एनए-207 निर्वाचन क्षेत्र में होने वाले उपचुनाव के लिए रविवार को नामांकन पत्र दाखिल किया है। उनके पिता आसिफ अली जरदारी ने यह सीट जीती थी लेकिन राष्ट्रपति बनने पर उन्होंने यह सीट छोड़ दी थी।
आसिफा की जीत लगभग तय
शहीद बेनजीराबाद जिले के एनए-207 निर्वाचन क्षेत्र के लिए 21 अप्रैल को उपचुनाव होंगे और इसमें आसिफा का जीतना लगभग तय है। संसद का हिस्सा बनकर वह अपनी पार्टी के साथ-साथ परिवार की राजनीति को भी मजबूत करेंगी। आसिफा की मां और दिवंगत प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की साल 2007 में रावलपिंडी में एक बम विस्फोट और आत्मघाती हमले में मृत्यु हो गई थी। अपनी मां की मृत्यु के दौरान आसिफा किशोरी थीं और अपनी बड़ी बहन बख्तावर तथा भाई बिलावल की तुलना में भावनात्मक रूप से अधिक पीड़ित थीं।
