Lahore Gang Rape: पाकिस्तान के लाहौर में नीदरलैंड और वेनेजुएला की दो विदेशी महिलाओं के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म (Gang Rape) और अपहरण के हाई-प्रोफाइल मामले ने देश की राजनीति और कानून-व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। पंजाब पुलिस के मुताबिक, दोनों पीड़िताएं जरूरी कानूनी औपचारिकताएं और बयान दर्ज कराने के बाद सुरक्षित यूरोप रवाना हो गई हैं।
पाकिस्तान में दो विदेशी महिलाओं संग सामूहिक दुष्कर्म, मुख्य आरोपी उपप्रधानमंत्री डार का पोता, मेडिकल जांच के बाद यूरोप रवाना (प्रतीकात्मक फोटो)
यह मामला तब बेहद संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल बन गया, जब जांच के दौरान गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी की पहचान पाकिस्तान के मौजूदा उपप्रधानमंत्री इसहाक डार (Ishaq Dar) के पोते के रूप में हुई।
दूतावासों की मदद से दर्ज हुए बयान, पीड़िताएं लौटीं घर
लाहौर के उप महानिरीक्षक (DIG ऑपरेशंस) फैसल कामरान ने रविवार को एक संवाददाता सम्मेलन में मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया:
मेडिकल और कानूनी प्रक्रिया: दोनों विदेशी महिलाओं की सहमति से उनकी उचित चिकित्सकीय (Medical) जांच कराई गई।
यूरोप रवानगी: संबंधित विदेशी दूतावासों के अधिकारियों की मौजूदगी और सहायता से पीड़िताओं के आधिकारिक बयान दर्ज किए गए। इसके तुरंत बाद उन्हें सुरक्षा कारणों और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने पर यूरोप भेज दिया गया है।
उपप्रधानमंत्री का पोता निकला मास्टरमाइंड, क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े थे तार
पुलिस के अनुसार, यह घिनौनी वारदात 29 जून को लाहौर में अंजाम दी गई थी। नीदरलैंड और वेनेजुएला की रहने वाली इन दोनों महिलाओं का कथित तौर पर अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म किया गया था।
सिंगापुर में हुई थी मुलाकात: जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी मोहम्मद रजा डार (जो उपप्रधानमंत्री इसहाक डार का पोता है) की दोनों महिलाओं से पिछले साल सिंगापुर में मुलाकात हुई थी।
बिजनेस वीजा का झांसा: ये महिलाएं रजा डार के साथ क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) के कारोबार में पार्टनर थीं। पाकिस्तान यात्रा के लिए रजा डार ने ही अपने रसूख का इस्तेमाल कर दोनों महिलाओं के 'बिजनेस वीजा' का इंतजाम कराया था, जिसके बाद उन्हें जाल में फंसाकर इस वारदात को अंजाम दिया गया।
अब तक 8 गिरफ्तार, उपप्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मोहम्मद रजा डार के अलावा उसके साथियों हसन रजा, सिकंदर खान और साजिद अली सहित कुल आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों के खिलाफ पाकिस्तान दंड संहिता (PPC) की धारा 365ए (अपहरण) और 375ए (सामूहिक दुष्कर्म) के तहत सख्त संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
राजनीतिक भूचाल: इस शर्मनाक घटना में देश के उपप्रधानमंत्री के परिवार का नाम आने के बाद पाकिस्तान की राजनीति गरमा गई है। पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान के करीबी माने जाने वाले वरिष्ठ सांसद फैसल वावडा ने इसहाक डार के पोते की संलिप्तता की पुष्टि होने के बाद सीधे तौर पर उपप्रधानमंत्री से नैतिक आधार पर तुरंत इस्तीफे की मांग की है।
