भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों रूस में है। रूस में पीएम मोदी ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने के पहुंचे हैं। इस सम्मेलन से इतर जब पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई तो एक समय ऐसा आया जब वहां मौजूद सभी लोग हंसने लगे। दरअसल पुतिन ने बातचीत के दौरान कहा कि हमारे रिश्ते इतने अच्छे हैं कि पीएम मोदी को ट्रांसलेटर की जरूरत ही नहीं पड़ेगी, वो सारी बातें समझ जाएंगे।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और पीएम मोदी के बीच द्विपक्षीय बैठक
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पीएम मोदी भी लगे हंस
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और पीएम मोदी के बीच रूस के कजान शहर में हुई द्विपक्षीय बैठक में दोनों नेताओं के बीच गहरी दोस्ती की झलक देखने को मिली। द्विपक्षीय बैठक में रूसी राष्ट्रपति ने कहा- "हमारे संबंध इतने मजबूत हैं कि आप (पीएम मोदी) बिना किसी अनुवाद के मेरी बात समझ जाएंगे।' इस पर गवर्नर पैलेस के कमरे में हंसी की लहर दौड़ गई। पीएम मोदी भी पुतिन की इस बात पर अपनी हंसी नहीं रोक पाए।पुतिन ने किन बातों पर दिया जोर
इसके बाद रूसी राष्ट्रपति ने जुलाई में प्रधानमंत्री मोदी की मास्को यात्रा के दौरान हुई 'सार्थक वार्ता' को याद किया। राष्ट्रपति पुतिन ने कहा, "कजान में हमें कई अहम फैसले लेने होंगे, जिनका उद्देश्य एसोसिएशन की गतिविधियों को और बेहतर बनाना तथा इसके ढांचे के भीतर बहुआयामी सहयोग को मजबूत करना है। हम इस क्षेत्र में अपने सहयोग को बहुत महत्व देते हैं, मेरा मतलब है कि हमारे राज्य, एसोसिएशन के निर्माण के मूल में थे। हम कजान में भारत के महावाणिज्य दूतावास खोलने के आपके फैसले का स्वागत करते हैं। रूस में भारत की राजनयिक उपस्थिति का विस्तार द्विपक्षीय संबंधों के और विकास में योगदान देगा।"
क्या बोले पीएम मोदी
वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कजान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक में कहा कि तीन महीने में रूस की उनकी दूसरी यात्रा भारत और रूस के बीच घनिष्ठ समन्वय और गहरी मित्रता को दर्शाती है। पीएम मोदी ने कहा- मैं रूस को ब्रिक्स की सफल अध्यक्षता के लिए बधाई देता हूं; कई देश अब समूह में शामिल होना चाहते हैं। जुलाई में हमारे वार्षिक शिखर सम्मेलन के परिणामस्वरूप हर क्षेत्र में सहयोग मजबूत हुआ। रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष के मुद्दे पर हम लगातार संपर्क में हैं। जैसा कि मैंने पहले भी कहा, हमारा यह मानना है कि समस्याओं का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए। हम शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली का पूर्ण समर्थन करते हैं। हमारे सभी प्रयास मानवता को प्राथमिकता देते हैं; भारत आने वाले समय में हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है।
