Osama Letter To America: दुनिया का सबसे खतरनाक आतंकी ओसामा बिन लादेन को मरे हुए 10 साल से ज्यादा का समय हो चुका है, लेकिन आज भी उसके लिखे पत्र अमेरिका में हंगामा मचा रहे हैं। ओसामा बिन लादेन के लेटर से अमेरिका में ऐसा हंगामा मचा है कि टिक टॉक को बैन करने की मांग उठ गई है। टिक टॉक पर ही यह लेटर वायरल हुआ है। मई 2011 में अमेरिकी सील्स के एक ऑपरेशन में पाकिस्तान के एबटाबाद में ओसामा मारा गया था।
ओसामा बिन लादेन का लेटर टिकटॉक पर हुआ वायरल (PTI&BCCL)
ये भी पढ़ें- Nepal Banned TikTok: नेपाल ने चीन को दिया बड़ा झटका, बैन कर दिया TikTok, हेट स्पीच को बताया कारण
2002 में सामने आया था ये लेटर
ओसामा बिन लादेन का पत्र 2002 में 9/11 के आतंकवादी हमलों के बाद प्रकाशित हुआ था और इसमें अल-कायदा प्रमुख ने अपने आतंकवादी कृत्य को उचित ठहराने की कोशिश की थी, जिसमें अमेरिका में 3,000 लोग मारे गए थे। पहली बार प्रकाशित होने के इक्कीस साल बाद, जेन जेड टिक-टोकर्स ने ओसामा बिन लादेन के इस लेटर को वायरल कर दिया। जिसके बाद टिक टॉक पर इसके समर्थन में वीडियो बनाए जाने लगे, हैशटैग चलने लगा।
टिक टॉक पर बैन की मांग
जैसे ही यह लेटर टिक टॉक पर वायरल हुआ, अमेरिका में हंगामा मच गया। अमेरिकी नागरिक, सरकार से इस पर बैन लगाने की मांग करने लगे। जिसके बाद टिक टॉक हरकत में आया और ऐसे पोस्ट को हटाने लगा, जिसमें इस लेटर का जिक्र था।
क्या है लेटर में
ओसमा बिन लादेन के इस लेटर में अमेरिका पर हुए 9/11 के हमले को सही ठहराया गया था, लादेन ने कहा था कि इजराइल को समर्थन करना भी अमेरिका पर हमले की एक वजह है। आज जब इजराइल ने फिलिस्तीन पर हमला बोल रखा है, हमास के साथ जंग जारी है, तो इजराइल -अमेरिका विरोधी ने टिक टॉक पर इसे वायरल कर दिया।
नेपाल समेत कई देशों में बैन है टिक टॉक
टिक टॉक एक चीनी कंपनी है और यह कई तरह के आरोपों के घेरे में हैं। इस जासूसी से लेकर नफरत फैलाने तक के आरोप लग चुके हैं। नेपाल, भारत और अफगानिस्तान में टिक टॉक को पूरी तरह से बैन कर दिया गया है।
