पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और निर्बाध समुद्री आवागमन जल्द बहाल करने की मांग की है। भारत ने कहा कि इस अहम समुद्री मार्ग में किसी भी तरह की रुकावट का सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति और मानवीय सहायता शृंखलाओं पर पड़ता है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की प्रभारी राजदूत योजना पटेल
यूएन में समुद्री क्षेत्र में जलमार्गों की सुरक्षा और संरक्षण पर हुई बहस
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की प्रभारी राजदूत योजना पटेल ने ‘समुद्री क्षेत्र में जलमार्गों की सुरक्षा और संरक्षण’ विषय पर हुई खुली बहस में कहा कि भारत समुद्री सुरक्षा को वैश्विक शांति और आर्थिक समृद्धि के लिए बेहद जरूरी मानता है। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों को हाल में निशाना बनाया गया, जिससे निर्दोष नागरिक चालक दल के सदस्यों की जान खतरे में पड़ी। एक प्रमुख व्यापारिक राष्ट्र के रूप में भारत होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों को हाल ही में निशाना बनाए जाने और निर्दोष असैनिक चालक दल के सदस्यों के जीवन को खतरे में डालने की कड़ी निंदा करता है। ऐसे कृत्यों के परिणामस्वरूप भारतीय नाविकों के बहुमूल्य जीवन का दुखद नुकसान हुआ है और यह अस्वीकार्य है।
भारत ने दोहराया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से नौवहन और वैश्विक वाणिज्य की स्वतंत्रता का अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार पूरी तरह से सम्मान किया जाना चाहिए। साथ ही आग्रह किया कि होर्मुज मार्ग को जल्द से जल्द सुरक्षित तरीके से फिर से खोला जाए।
हम देते हैं सबसे ज्यादा समुद्री कर्मी
भारत ने यह भी याद दिलाया कि वह दुनिया के शीर्ष तीन देशों में शामिल है जो सबसे अधिक समुद्री कर्मी उपलब्ध कराते हैं, और वैश्विक समुद्री कार्यबल में भारत की हिस्सेदारी करीब 13 प्रतिशत है। भारत ने साफ कहा कि उसके नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में किसी भी प्रकार की बाधा पूरी दुनिया के लिए गंभीर संकट पैदा कर सकती है।
