Russian Tu-95 bomber plane crashes- रूस के सुदूर पूर्वी अमूर (Amur) प्रांत में एक नियमित प्रशिक्षण उड़ान (Training Flight) के दौरान रूसी वायु सेना का बेहद शक्तिशाली और परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम Tu-95 एमएस (Tu-95MS) स्ट्रैटजिक बॉम्बर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार क्रू के 6 सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गया है।
रूसी बॉम्बर प्लेन क्रैश, 6 की मौत (फाइल फोटो)
टेक-ऑफ के दौरान दुर्घटना
यह हादसा रूस के अमूर प्रांत में हुआ, जो चीन की सीमा के पास स्थित एक निर्जन और बेआबाद इलाके में हुआ। रूसी रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, विमान एक रूटीन ट्रेनिंग मिशन पर था और हादसे के समय इसमें कोई गोला-बारूद या परमाणु हथियार मौजूद नहीं थे। शुरुआती रिपोर्ट्स और स्थानीय मीडिया के अनुसार, विमान ने उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद नियंत्रण खो दिया और जमीन पर गिर गया।
सिर्फ एक सदस्य बचा
विमान में कुल 7 क्रू मेंबर्स सवार थे। हादसे में 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 1 घायल सदस्य को तुरंत सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कथित फुटेज में दुर्घटनास्थल पर तेज लपटें और काला धुआं उठता देखा जा सकता है। हालांकि, रूसी सेना की ओर से इन शुरुआती फुटेज की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन क्रैश के बाद विमान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया।
क्यों खास और खतरनाक है Tu-95 'Bear'?
सोवियत संघ के दौर में डिजाइन किए गए इस विशालकाय बॉम्बर को नाटो (NATO) द्वारा 'Bear' कोड नेम से जाना जाता है। यह टर्बोप्रॉप इंजनों वाला चार-इंजन वाला विमान है, जो लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलों और परमाणु बमों को ले जाने में सक्षम है। यह रूसी वायुसेना के परमाणु निवारक बल (Nuclear Deterrent Force) का प्रमुख हिस्सा है और यूक्रेन युद्ध के दौरान भी लंबी दूरी से मिसाइल हमले करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता रहा है।
जांच के आदेश
दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए रूसी रक्षा मंत्रालय के 'फ्लाइट सेफ्टी कमीशन' की एक विशेष टीम गठित की गई है। क्रैश साइट से फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (ब्लैक बॉक्स) की तलाश की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हादसा तकनीकी खराबी से हुआ या पायलट एरर से। इससे पहले मार्च में भी रूसी सेना का एक An-26 ट्रांसपोर्ट प्लेन क्रीमिया में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। रूसी सेना पर इस समय अपने पूरे बेड़े के लगातार इस्तेमाल के कारण मेंटेनेंस का दबाव भी माना जा रहा है
