North Korea Missile Launch: उत्तर कोरिया ने शनिवार को समुद्र की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। उत्तर कोरिया ने ऐसे समय पर मिसाइलें दागीं हैं जब एक दिन पहले ही अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान की संयुक्त मिलिट्री ड्रिल समाप्त हुई, जिसे उत्तर कोरिया अपनी सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा मानता है। हालांकि, अमेरिका इसे तत्काल खतरे के तौर पर नहीं देखता है।
उत्तर कोरिया ने दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें
दक्षिण कोरिया ने बढ़ाई निगरानी
दक्षिण कोरियाई सेना ने बताया कि उसने उत्तर कोरिया के पूर्वी तटीय इलाके वॉनसान से कई मिसाइलों के प्रक्षेपण का पता लगाया है। बकौल सेना, निगरानी तंत्र को और पुख्ता कर दिया गया है तथा मिसाइल प्रक्षेपण को लेकर अमेरिका और जापान के साथ लगातार सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा है।
'तत्काल कोई खतरा नहीं'
अमेरिकी पैसिफिक कमांड (US Pacific Command) ने बताया कि उत्तर कोरिया के मिसाइल प्रक्षेपण से अमेरिकी इलाके या उसके सहयोगियों को तत्काल कोई खतरा नहीं है। कमांड ने क्षेत्र में अमेरिका की मातृभूमि और उसके सहयोगियों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
फ्रीडम एज मिलिट्री ड्रिल
दक्षिण कोरियाई सेना के मुताबिक, पांच दिवसीय फ्रीडम एज सैन्य अभ्यास रक्षात्मक प्रकृति का है। इसका मकसद उत्तर कोरिया के परमाणु खतरों से निपटने के लिए अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान की संयुक्त प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करना है।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: 'अब ग्लोबल समाधान का हब है भारत', ब्रिक्स बिजनेस फोरम में PM मोदी बोले- करीब 4.5 गुना बढ़ी हमारी संयुक्त जीडीपी
सनद रहे कि अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया की संयुक्त मिलिट्री ड्रिल सोमवार को शुरू हुई थी जिसे रक्षात्मक प्रकृति का बताया गया था और इसके कुछ समय बाद ही उत्तर कोरिया के रक्षा मंत्री किम सोंग ली ने मिलिट्री ड्रिल की तीखी आलोचना की थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि उत्तर कोरिया अपनी शक्ति के आधार पर कड़े और निर्णायक जवाबी कदम उठाने में सक्षम है।
