केरल में जन्मी नित्या रमन (Nithya Raman) ने लॉस एंजिलिस के मेयर पद का चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया है। वह इस शहर की पहली भारतीय-अमेरिकी और पहली दक्षिण एशियाई मेयर बनने जा रही हैं। नित्या ने मौजूदा मेयर करेन बास को चुनाव में हराया। करेन बास ने अपनी हार स्वीकार करते हुए नित्या को जीत की बधाई दी और सत्ता के शांतिपूर्ण हस्तांतरण का भरोसा दिलाया। नित्या रमन (Nithya Raman) ने अपनी जीत पर खुशी जताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, 'लॉस एंजिलिस, आपकी अगली मेयर बनकर मैं बेहद सम्मानित महसूस कर रही हूं।' उनकी इस जीत को भारतीय मूल के लोगों के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
लॉस एंजिलिस से मेयर पद का चुनाव नित्या रमन ने जीता। (Instagram/@nithyaforthecity)
करेन बास ने स्वीकार की हार
लॉस एंजिलिस (Los Angeles) में 3 नवंबर को मेयर पद के लिए मतदान हुआ था। चुनाव में नित्या रमन और मौजूदा मेयर करेन बास के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। शुरुआत में करेन बास आगे चल रही थीं, लेकिन बाद में वोटों की गिनती के दौरान नित्या ने बढ़त बना ली। लॉस एंजिलिस काउंटी के चुनावी आंकड़ों के मुताबिक, 5 नवंबर को शाम 4:34 बजे तक नित्या रमन को 4,60,772 वोट मिले थे। यह कुल वोटों का 52.70 प्रतिशत था। वहीं करेन बास को 4,13,519 वोट मिले, जो 47.30 प्रतिशत थे। इस तरह नित्या ने 47,253 वोटों की बढ़त बना ली थी। उस समय वोटों की गिनती जारी थी, इसलिए ये आंकड़े अस्थायी थे। करेन बास ने नित्या को फोन करके जीत की बधाई दी। उन्होंने कहा कि वह सत्ता के हस्तांतरण की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए पूरा सहयोग करेंगी। वहीं नित्या ने भी करेन बास के लंबे सार्वजनिक जीवन और शहर के लिए उनके काम की सराहना की।
नित्या रमन ने लॉस एंजिलिस के मेयर पद का चुनाव जीता (X/@nithyavraman)
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6 साल की उम्र में भारत से अमेरिका गई थीं नित्या
नित्या रमन का जन्म भारत के केरल में हुआ था। जब वह सिर्फ 6 साल की थीं, तब अपने परिवार के साथ अमेरिका चली गईं। उन्होंने अमेरिका की प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की। इसके बाद मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानी MIT से अर्बन प्लानिंग में मास्टर डिग्री हासिल की। पढ़ाई पूरी करने के बाद नित्या ने शहरों में बेघर लोगों की समस्याओं पर काम किया। वे सेलाह नेबरहुड होमलेस कोएलिशन (SELAH Neighborhood Homeless Coalition) की सह-संस्थापक भी हैं। यह संगठन बेघर लोगों की मदद और उनके लिए जरूरी सुविधाएं जुटाने का काम करता है। साल 2020 में नित्या पहली बार लॉस एंजिलिस सिटी काउंसिल के लिए चुनी गई थीं। इस जीत के साथ वह शहर की पहली एशियाई-अमेरिकी महिला और पहली दक्षिण एशियाई सदस्य बनी थीं। साल 2024 में उन्होंने दोबारा चुनाव जीतकर अपना कार्यकाल जारी रखा।
नित्या रमन पहली भारतीय-अमेरिकी हैं, जिन्होंने लॉस एंजिलिस के मेयर पद का चुनाव जीता है। (lmage Credit- AP)
आवास और बेघर लोगों की समस्या पर रहा फोकस
मेयर चुनाव (Mayor Election) के दौरान नित्या रमन ने शहर की कई बड़ी समस्याओं को अपने अभियान का हिस्सा बनाया। इनमें लोगों के लिए किफायती घरों की उपलब्धता, बेघर लोगों की समस्या और शहर की सार्वजनिक सुविधाओं में सुधार शामिल हैं। उन्होंने सड़कों की मरम्मत, गड्ढे भरने, स्ट्रीट लाइट ठीक रखने और नगर सेवाओं को बेहतर बनाने का वादा किया। इसके अलावा पुलिस व्यवस्था में सुधार की बात भी उनके चुनावी अभियान का हिस्सा रही। लॉस एंजिलिस अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। ऐसे में नित्या के सामने शहर की आवास व्यवस्था, बेघर लोगों की समस्या और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने जैसी बड़ी चुनौतियां होंगी।
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने किया ट्वीट
नित्या रमन के मेयर बनने पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने अपने एक्स हैंडल से एक पोस्ट शेयर किया है और उन्होंने नित्या की इस उपलब्धि पर लिखा कि तिरुवनंतपुरम की रहने वाली नित्या रमन लॉस एंजिल्स की नई मेयर बनी हैं। वहीं, न्यूयॉर्क में जोहरान ममदानी भी मेयर हैं। इस तरह अमेरिका के दो बड़े शहरों की जिम्मेदारी भारतीय मूल के लोगों के हाथों में होगी। ट्वीट में कहा गया है कि ये दोनों अपने शहरों के लिए भारत के कई मेयरों से बेहतर काम कर सकते हैं। इसकी वजह बताते हुए कहा गया है कि भारत में आज भी अंग्रेजों के समय की प्रशासनिक व्यवस्था का असर है। यहां शहरों की सत्ता और बजट कई अलग-अलग विभागों में बंटे होते हैं। इस वजह से मेयरों के पास अपने शहरों को बेहतर तरीके से चलाने के लिए जरूरी अधिकार और संसाधन नहीं होते।
