पाक की आतंक पर नई चाल, लश्कर और इस्लामिक स्टेट खुरासान के बीच कराया गुप्त गठबंधन, निशाने पर बलूच और अफगान

रिपोर्ट के मुताबिक, 2018 तक आईएसकेपी को बलूचिस्तान में दो बड़े ऑपरेशनल कैंप — मास्टुंग और खुजदार — आईएसआई की मदद से मिले। इनमें से मास्टुंग कैंप बलूच विद्रोहियों के खिलाफ और खुजदार कैंप अफगान सीमा पार अभियानों के लिए इस्तेमाल होता रहा।

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और उसकी सेना एक बार फिर आतंकवाद को अपने भू-राजनीतिक लक्ष्यों के उपकरण के रूप में इस्तेमाल करने की दिशा में आगे बढ़ती दिख रही हैं। ताजा रिपोर्ट्स से संकेत मिलते हैं कि इस्लामाबाद अब इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (आईएसकेपी) को अपने हाइब्रिड वॉरफेयर तंत्र का हिस्सा बना रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य उन बलूच राष्ट्रवादी समूहों और अफगान तालिबान के गुटों को निशाना बनाना है जो पाकिस्तान के नियंत्रण में नहीं हैं।

ISKP leader Mir Shafiq Mengal LeT commander Rana Mohammad Ashfaq

आईएसकेपी नेता मीर शफीक मेंगल, लश्कर कमांडर राणा मोहम्मद अशफाक को पिस्तौल देते हुए (फोटो- X)

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