NASA Perseverance Rover: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के मंगल ग्रह पर भेजे गए रोवर ‘पर्सिवरेंस’ ने एक सूखी नदी की धारा में चट्टानें खोज निकाली हैं जिनमें प्राचीन सूक्ष्म जीवन के संभावित संकेत हो सकते हैं। वैज्ञानिकों ने बुधवार को बताया कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले ‘पर्सिवरेंस’ द्वारा वहां एकत्र किए गए नमूनों का पृथ्वी की प्रयोगशालाओं में गहन विश्लेषण जरूरी है।
नासा का पर्सिवरेंस रोवर मंगल ग्रह पर कर रहा कमाल (फोटो साभार: NASA/NASAPersevere)
'पर्सिवरेंस' का कमाल देख दुनिया हैरान
वर्ष 2021 से मंगल ग्रह पर घूम रहा यह रोवर सीधे तौर पर जीवन का पता नहीं लगा सकता। इसके बजाय, यह चट्टानों और नलियों में छेद करने के लिए एक ड्रिल लेकर चलता है ताकि अरबों साल पहले जीवन के लिए सबसे उपयुक्त माने गए स्थानों से एकत्र किए गए नमूनों को रखा जा सके। नमूनों को पृथ्वी पर वापस लाने की प्रतीक्षा है। यह एक महत्वाकांक्षी योजना है, जो नासा द्वारा सस्ते, त्वरित विकल्पों की तलाश के कारण रोक दी गई है।
दो वैज्ञानिकों एसईटीआई संस्थान के जेनिस बिशप और मैसाचुसेट्स एमहर्स्ट विश्वविद्यालय के मारियो पेरेंटे ने इसे एक "रोमांचक खोज" बताते हुए कहा कि इसके लिए गैर-जैविक प्रक्रियाएं जिम्मेदार हो सकती हैं। स्टोनी ब्रुक विश्वविद्यालय के प्रमुख शोधकर्ता जोएल ह्यूरोविट्ज़ ने कहा, "यही कारण है कि हम यह नहीं कह सकते कि यह जीवन का सकारात्मक प्रमाण है।"
क्या कुछ है खास
पर्सिवरेंस रोवर 22 अरब किलोमीटर दूर मौजूद मंगल ग्रह की रोमांचक तस्वीरों को कैप्चर कर पृथ्वी पर भेजता रहा है। पर्सिवरेंस नासा का सबसे उन्नत मार्स रोवर है जिसमें 23 कैमरे, हाई-डेफिनेशन वीडियो रिकॉर्डिंग और माइक्रोफोन लगे हैं जिसकी बदौलत मंगल ग्रह के न सिर्फ नजारे हम तक पहुंचते हैं, बल्कि वहां की हलचलों और आवाजों को रिकॉर्ड भी करता है।
