Israel Iran Tension: इजरायल में चुनावी सरगर्मी के बीच प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान और उसके सहयोगी संगठनों को कड़ी चेतावनी दी। नेतन्याहू ने दावा किया कि उनके पास ऐसी खुफिया जानकारी है, जिसके मुताबिक ईरान और उसके सहयोगी चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए हमले की कोशिश कर सकते हैं।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (फाइल फोटो)
नेतन्याहू की ईरान को कड़ी चेतावनी
नेतन्याहू ने चेतावनी दी कि ऐसी किसी भी कार्रवाई का बेहद कड़ा जवाब दिया जाएगा। वहीं, इजरायल में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन और गाजा युद्ध को लेकर तनाव भी चर्चा में है। नेतन्याहू ने ईरान और उसके सहयोगियों को चेतावनी देते हुए कहा कि इजरायल को चुनौती देने की कोशिश की गई, तो उन्हें उनकी कल्पना से भी ज्यादा कड़ा जवाब दिया जाएगा। हालांकि, संभावित हमले को लेकर नेतन्याहू के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इजरायल में चुनावी माहौल के बीच सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठ रहा है। गाजा युद्ध, बंधकों की रिहाई और सरकार की जवाबदेही को लेकर भी देश में राजनीतिक बहस जारी है। सरकार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों के बीच नेतन्याहू की चेतावनी ने क्षेत्रीय तनाव और चुनावी सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं
वेस्ट बैंक में बड़े पैमाने चलाया गया अभियान
इस बीच, इजरायल की सेना ने वीकेंड में कब्जे वाले वेस्ट बैंक में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चलाया। इस दौरान सैकड़ों फलस्तीनी विस्थापित हो गए और फलस्तीनियों की आवाजाही पर कड़ी पाबंदियां लगा दी गईं। यह कार्रवाई शुक्रवार को हेब्रोन में हुई गोलीबारी की घटना के बाद की गई, जिसमें दो इजराइली सैनिकों की मौत हो गई थी और तीन अन्य घायल हो गए थे। यह अभियान ऐसे समय में चलाया गया है, जब इजराइल में तनावपूर्ण चुनाव के लिए कुछ ही दिन शेष हैं।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: फ्रांस में मैक्रों सरकार के खिलाफ 4 लाख से ज्यादा लोग सड़कों पर उतरे, पेरिस में पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले
इजरायल में एंट्री के रास्ते बंद
इसके अलावा, मंगलवार को इजराइल में चुनाव संपन्न होने तक इजराइल में प्रवेश के रास्ते बंद रहेंगे। सेना के मुताबिक, उसने वीकेंड के दौरान 400 से अधिक स्थानों पर अभियान चलाया और 40 फलस्तीनियों को गिरफ्तार किया। सेना ने दावा किया कि गिरफ्तार किए गए लोग हमास या फलस्तीनी इस्लामिक जिहाद से जुड़े थे।
