परिवार वालों के मुताबिक, यह घटना तब हुई जब यह जोड़ा नेपाल-चीन बॉर्डर पर एक इमिग्रेशन सेंटर पर था। कैलाश मानसरोवर की तीर्थयात्रा के तौर पर शुरू हुई यह यात्रा लखनऊ के एक परिवार के लिए बेचैनी भरे इंतजार में बदल गई है। परिवार के दो सदस्य-अमेरिका में रहने वाला एक जोड़ा (भारत के विदेशी नागरिक)-26 अगस्त को नेपाल में अचानक आई बाढ़ के समय वहीं मौजूद थे।
60 साल के दीपक आहूजा और उनकी 57 साल की पत्नी मधु आहूजा मिसिंग हैं
60 साल के दीपक आहूजा और उनकी 57 साल की पत्नी मधु आहूजा, 'ईशा सेक्रेड वॉक्स' ग्रुप S3 के साथ 14 दिनों से नेपाल में थे। वे अपने तीन-चार रिश्तेदारों के साथ यात्रा कर रहे थे, जो एक भारतीय ग्रुप के साथ तीर्थयात्रा के लिए अमेरिका के टेक्सास से आए थे और कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौट रहे थे।परिवार वालों ने बताया कि ग्रुप के बाकी सदस्य तो लौट आए, लेकिन दीपक और मधु का कोई पता नहीं चला।
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बाढ़ के समय इमिग्रेशन सेंटर पर था यह जोड़ा
परिवार वालों के मुताबिक, यह घटना तब हुई जब यह जोड़ा नेपाल-चीन बॉर्डर पर एक इमिग्रेशन सेंटर पर था। उत्तर प्रदेश के राहत आयुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, दीपक की आखिरी लोकेशन काठमांडू में दर्ज की गई थी, जबकि मधु की लोकेशन चीन-नेपाल बॉर्डर के पास ट्रेस की गई थी।
दीपक की मां कविता आहूजा से बात की, तो वे बहुत दुखी थीं
दीपक की मां कविता आहूजा से बात की, तो वे बहुत दुखी थीं। उन्होंने कहा, 'परिवार के सदस्य कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्रा के लिए नेपाल गए थे। उनके साथ गए बाकी रिश्तेदार तो लौट आए। लेकिन दीपक और मधु नहीं लौटे हैं और परिवार को उनके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है।'
